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महानंदा नवमी व्रत on 03 Feb 2020 (Monday)

महानंदा नवमी व्रत

माघ माह के शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा तिथि से गुप्त नवरात्र आरंभ होता है. गुप्त नवरात्रि की नवमी तिथि को श्री महानंदा नवमी व्रत किया जाता है. मान्यताओं के अनुसार गुप्त नवरात्र में नवमी के दिन महानंदा नवमी की पूजा, व्रत विधि विधान से करने से दुख दरिद्र समाप्त हो जाते है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है. इस व्रत को करने से मनुष्य संपन्नता पूर्वक अपना जीवन व्यतीत करके अंत में विष्णु लोक को प्राप्त होता है. हिंदू धर्म में महानंदा नवमी के व्रत को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. महानंदा नवमी का व्रत करने से सभी प्रकार के रोग और कष्ट दूर हो जाते हैं


महानंदा नवमी व्रत का महत्व

  1. महानंदा नवमी के दिन व्रत करने से जीवन में सुख और समृद्धि का आगमन होता है और सभी कष्ट दूर हो जाते हैं

  2. इस दिन घर का कूड़ा करकट इकठ्ठा करके उसे सूप में रखकर घर से बाहर कर देना चाहिए. इस विधि को लक्ष्मी विसर्जन कहते हैं

  3. इस दिन विधि पूर्वक स्नान, ध्यान करके पूजा करने के पश्चात मां लक्ष्मी का हाथ जोड़कर आवाहन करने से मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं और अपने आशीर्वाद से आपके घर को धन-धान्य से पूर्ण कर देती हैं

महानंदा नवमी पूजा विधि- 

  1. महानंदा नवमी की पूजा करने के लिए सबसे पहले ब्रह्म मुहूर्त ( सुबह 4 बजे) में जागकर घर की साफ सफाई करें और सारा कचरा इकट्ठा करके घर के बाहर कर दें

  2. अब स्नान करने के पश्चात घर के मुख्य द्वार के पास खड़े होकर मां लक्ष्मी का ध्यान करके पूरी श्रद्धा के साथ उनका आवाहन करें

  3. महानंदा नवमी के दिन पूजा स्थल के बीच में एक बड़ा सा अखंड दिया प्रज्वलित करे

  4. अब महालक्ष्मी मंत्र ओम ह्रींग महालक्ष्मी नमः का 108 बार जाप करें

  5. रात्रि में पूजा करने के बाद व्रत का पारण करें

  6. शास्त्रों में 7 साल से छोटी कन्याओं को देवी का रूप माना जाता है इसलिए गुप्त नवरात्री की नवमी के दिन कुमारी कन्या का पूजन करने के पश्चात उनसे आशीर्वाद लेना बहुत शुभ माना गया है. इसलिए नवमी तिथि के दिन कन्या को भोजन कराकर उनके चरण अवश्य छुएं

  7. गुप्त नवरात्रि में नवमी के दिन श्री महालक्ष्मी देवी का विधि विधान से पूजा, व्रत उपवास रखकर कुंवारी कन्याओं को भोजन करवाने से और मां लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करके हवन करने से घर के सभी कष्ट दूर हो जाते है और घर में मां लक्ष्मी और धन का आगमन होता है

महानंदा नवमी से जुड़ी खास बातें

  1. मान्यताओं के अनुसार महानंदा नवमी के दिन व्रत और पूजा करने से घर के सभी क्लेश और कष्ट दूर हो जाते हैं

  2. महानंदा नवमी का व्रत करने से मनुष्य को केवल भौतिक सुख प्राप्त होते हैं बल्कि मानसिक शांति की प्राप्ति भी होती है

  3. अगर आपकी जीवन में धन की कमी है या आपके पास पैसा आता है पर रुकता नहीं है तो महानंदा नवमी का व्रत अवश्य करें

  4. महानंदा नवमी का व्रत करने और मां लक्ष्मी की पूजा करने से घर में सुख समृद्धि आती है.

महानंदा नवमी कथा

महानंदा नवमी व्रत की कथा के अनुसार एक बार एक साहूकार अपनी बेटी के साथ रहता था। बेटी बहुत धार्मिक प्रवृति की थी वह प्रतिदिन एक पीपल के वृक्ष की पूजा करती थी। उस पीपल के वृक्ष में लक्ष्मी जी का वास करती थीं। एक दिन लक्ष्मी जी साहूकार की बेटी से दोस्ती कर ली। लक्ष्मी जी एक दिन साहूकार की बेटी को अपने घर ले गयीं और उसे खूब खिलाया-पिलाया। उसके बाद बहुत से उपहार देकर बेटी को विदा कर दिया। साहूकार की बेटी को विदा करते समय लक्ष्मी जी बोली कि मुझे कब अपने घर बुला रही हो इस पर साहूकार की बेटी उदास हो गयी। उदासी से उसने लक्ष्मीजी को अपने घर आने का न्यौता दे दिया।

घर आकर उसने अपने पिता को यह बात बतायी और कहा कि लक्ष्मी जी का सत्कार हम कैसे करेंगे। इस पर साहूकार ने कहा हमारे पास जो भी है उसी से लक्ष्मी जी का स्वागत करेंगे। तभी एक चील उनके घर में हीरों का हार गिरा कर चली गयी जिसे बेचकर साहूकार की बेटी ने लक्ष्मी जी के लिए सोने की चौकी, सोने की थाली और दुशाला खरीदी। लक्ष्मीजी थोड़ी देर बाद गणेश जी के साथ पधारीं। उस कन्या ने लक्ष्मी-गणेश की खूब सेवा की। उन्होंने उस बालिका की सेवा से प्रसन्न होकर समृद्ध होने का आर्शीवाद दिया।