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श्री बाबा चंद जंयती का महत्व on 07 Sep 2019 (Saturday)

बाबा श्री चंद जयंती को श्री चंद भी कहा जाता है । आप गुरु नानाक देव जी के सबसे बड़े पुत्र थे और उदासिस की नींव भी उन्होंने ही रखी थी। ये इसिलिये भी काफी प्रसिद्ध रहे हैं क्योंकि उन्होनें बहुत ही छोटी उम्र में योगा सीख लिया था। और इसीलिये वे काफी प्रसिद्ध भी थे। उनका अनुसरण करते हुये बहुत से लोगों ने योगा सीखा ताकि वे एक स्वस्थ जीवन जी सके।

श्री चंद और उनका नानक जी के साथ संबंध -

 श्री चंद जी अपने पिता जी यानि गुरु नानक देव जी के काफी करीब थे। और उन्ही से योगा सीखने का ज्ञान प्राप्त किया था। बाबा नानक की प्रेरणा से ही उन्होनें उदासी की आधारशिला रखी थी।उन्होनें बहुत सी जगहों की यात्रा भी की ताकि ज्यादा से ज्यादा शिक्षा व जानकारी वो ज्यादा से ज्यादा लोगो तक पहुंचा सके।

श्री बाबा चंद जंयती का महत्व –

श्री बाबा चंद जंयती हमें धर्म की ओर चलना सीखाती है। ये बताती है कि धर्म का पालन करना कितना आवश्यक है। किंतु धर्म का पालन अंधविश्वास की भांति नहीं करना चाहिये जिससे हम अपना या दूसरे का नुकसान करने की ओर अग्रसर हो। धर्म का आशय जीवन में सकारात्मकता फैलाना है और जीवन का स्तर उपर उठाना ।

श्री बाबा चंद जी ने एक बहुत ही लंबा और स्वस्थ जीवन जीया है जो दूसरो को भी प्रेरणा देता है। उन्होंने मानव जीवन को प्रेरित करने वाले बहुत सी किताबें लिखी थी। और अब इन्हें उदासी ग्रंथ के रुप में जाना जाता है। उनके सभी प्रकार के मह्त्वपूर्ण लेखों को मंत्रा साहिब में एकत्रित किया गया है।

बाबा श्री चंद अपने अद्भूत भाषणों के लिये भी जाने जाते थे। ऐसा माना जाता है कि अभी तक उनसे ज्यादा शांतिपूर्ण और प्रेमभाव से परिपूर्ण भाषण किसी ने भी अन्य धर्म में नहीं दिये है। कुछ हिंदु लोग तो उन्हें भगवान शिव का अवतार भी मानते हैं।

बाबा श्री चंद जी जयंती के अवसर पर विशेष तरह के कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है। इसके अलावा उनके लिखे हुये ग्रंथों का भी उच्चारण किया जाता है ताकि लोगों में उनके ज्ञान का संचार हो सके ।

कैसे मनाते हैं श्री बाबा चंद जयंती –

 

  • इस दिन लोग सुबह नहा-धोकर गुरुद्वारे जाते है अपने परिवार सहित ताकि शुभ दिन की शुरुआत ईश्वर के आशीर्वाद के साथ किया जा सके।
  • उसके बाद कुछ व्रत या फिर फलाहार पर रहते है और पूरे दिन श्री बाबा चंद जी का स्मरण करते है।
  • इस दिन तरह-तरह के धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है और श्री बाबा चंद जी के संदेशों का प्रचार कर सके।
  • इस दिन का एक विशेष महत्व है और इसीलिये बाजार में रौंनक और गुरुद्वारों की विशेष सजावट की जाती है। लोग अपने घरो को भी विशेष तौर पर सजाते हैं। और आस-पड़ोस में मिठाई भी बाटी जाती है।

यह त्यौहार केवल सिख धर्म में ही नहीं बल्कि हिंदु धर्म में भी काफी प्रचलित है क्योकि श्री बाबा चंद जी को शिव जी का भी अवतार माना जाता है। हर साल त्यौहार काफी हर्षोल्लास के साथ मानाया जाता है।