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दिवाली की सजावट

चातुर्मास की शुरुआत होते ही अनेको त्यौहार शुरू होजाते है| हर त्यौहार का अपना महत्व व् अपनी विधि है| पर सब त्योहारों में सबसे प्रमुख त्यौहार है दिवाली का| जैसे ही दिवाली नज़दीक आती है लोग घर की सफाइयां शुरू कर देते| और जैसे जैसे दिवाली आती है घर की साज सजावट ज़ोरो शोरो से होती है| 

परन्तु बहुत बार ऐसा होता है की साज सजावट में हम इतने मगन होजातें है की यह भी भूल जाते है की कहीं कोई भूल न होजाये| जाने अनजाने कहीं हम साज सजावट में कहीं कोई भूल तो नै कर रहे?

घर को आप जितना साधारण व् सौम्य तरीके से सजायेंगे घर में सुख समृद्धि, खुशाली, धन उतना ही ज़्यादा जल्दी आएगा व् स्थिरता भी बनेगी|दिवाली की सजावट में निम्नलिखित बातों का ख़ास ख्याल रखें:

तोरण :- लगभग सभी घरो में तोरण ज़रूर लगाई जाती है| आजकल बहुत ही अलग अलग प्रकार की वंदनवार बाज़ारो में पायी जाती है| कोई कागज़ की बानी, कोई कपडे व् कौड़ियों की, कोई शीशों की, कोई घंटियों की आदि| परन्तु अगर हम तोरण की बात करें तो हमेशा से सबसे शुभ फूलों व् आम के पत्तो की तोरण मानी गयी है| परन्तु आजकल के आधुनिक दौर व् व्यस्त ज़िन्दगी में हमारे पास इसको बनाने के लिए समय नहीं है| जिसके चलते लोग बाज़ारों से तरह तरह के तोरण लातें है| अगर आप बाजार से तोरण खरीद रहे है तो नीचे दी गयी बातों का ध्यान अवश्य रखें:
1.वैसे तो हर साल नयी तोरण लेना अच्छा होगा या आप पुरानी ही तोरण इस्तेमाल कर रहे है तो दोनों ही स्थितियों में उसे अच्छे से साफ़ कर उसपे गंगाजल का छींटा देकर ही इस्तेमाल करें|
2.अगर आपने कोढ़ियों की तोरण खरीदी है, तो घर में हर प्रकार का संतुलन बनाये रखने के लिए अपनी दिवाली पूजा में ग्यारह कौड़ियों को भी शामिल करें|
3.तोरण में शीशे न लगें हो| अगर तोरण में शीशे लगे होंगे तो शीशो में जो दिशा दर्पण आएगा वही दिशा सक्रीय होजाएगी और अगर वह दिशा घर के लिए शुभ नहीं होगी, तो घर में रहने वाले सदस्यों को समस्या होगी|
4.घंटियों वाला तोरण न लें| फिर भी अगर आप ले चुके है तो उसमे से नीचे का घुंघरू निकल दें ताकि वह घंटी बजे नहीं| घंटी या घंटी के अकार की वस्तुए घर में रखना शुभ नहीं मन जाता|

गणपति जी :- बहुत से लोग घर में सजावट के तौर से या शुभता के लिए अलग अलग प्रकार के गणपति जी अलग अलग तरीको से स्थापित करते हैं| सभी गणपति की कृपा अपने ऊपर बनाये रखना चाहते हैं| अगर आप अपने घर में गणपति जी स्थापित करना चाहतें हैं तो नीचे दी गयी बातों का अवश्य ध्यान रखें:
1.कोई भी मूर्ति जो खंडित होचुकी हो वह घर में ना रखें|
2.आप मिटटी, पीतल, कॉपर, मार्बल आदि किसी भी प्रकार के गणपति जी स्थापित कर सकते हैं|
3.अगर आप घर में एक से ज़्यादा गणपति जी रखते है तो वह एक पांच या सात ओड मूलांक के अनुसार रखें|
4.घर के मंदिर में एक से ज़्यादा गणपति ना रखें| और उनकी पीठ उत्तर दिशा की तरफ होनी चाहिए|
5.अगर आप घर के मुख द्वार पर गणपति जी लगाना चाहते हैं तो द्वार के आगे व् पीछे दोनों तरफ गणपति जी लगाएं|

दीये व् मोमबत्ती :- कोई भी दिवाली बिना दीयों या मोमबत्ती के पूरी नहीं होसकती| दिवाली का एक प्रकार से अर्थ ही दीये हैं| दिवाली पर जब तक दीयों की रौशनी चारों और ना फैले तब तक दिवाली अधूरी ही लगती है और हम सभी को दिवाली पर अनेको प्रकार के दीये व् मोमबताइयाँ लगाना अच्छा लगता है| जी भर कर दीये लगाएं परन्तु कुछ बातों का ख़ास ध्यान रखें:
1.सबसे शुभ दीये मिटटी के दीये माने गए हैं| मिट्टी के दीयों में सरसो का तेल भर कर जलाएं|
2.ध्यान रहे की आप घर के कोने कोने में दीये लगाएं| कही भी अंधकार ना छोड़ें|
3.मुख्य द्वार पर खुशबूदार व् तिरती(floating) हुई मोमबत्तियां लगाएं| यह उपाय अगर आप धनतेरस से भाई दूज तक करें तो और भी उत्तम होगा|

रंगोली :- बहुत से लोग अपने घरो में, घर के बीच में या मुख्य द्वार पर रंगोली भी बनाते है| रंगोली भी सजावट का एक बहुत ही महत्वपूर्ण व् खूबसूरत हिस्सा है| रंगोली में अनेको प्रकार के रंगो का इस्तेमाल कर के बनाई जाती है| और हर रंग अपने साथ एक नयी उमंग व् खुशियां लेकर आता है| परन्तु जब आप रंगोली बनाएं तो कुछ बातों का ध्यान अवश्य रखें ताकि उस रंगोली से आपके जीवन में और शुभता बढ़ जाये|
1.रंगोली में सुन्दर व् चमकदार रंगो का प्रयोग करें|
2.स्वस्तिक व् ॐ ज़रूर बनाएं| परन्तु जब स्वस्तिक व् ॐ बनाएंगे तो वह सीधे ज़मीन पर न बनाएं या तो इसे चौकी रख कर बनाएं या कोई कपडा, केले के पत्ते बिछा कर उसपे बनाएं|
3.रंगोली में लाल, पीले व् हरे रंग का प्रयोग अवश्य करें|
4.साफ़ करते समय इसे कपडे समेटे| झाड़ू से नहीं|
 
शिल्पनिर्मित(आर्टिफीसियल) फूल: फूल एक मात्र ऐसी चीज़ है जो हर मनुष्य को अपनी और आकर्षित करती है|फूलों के रंग उनकी सुगंध, हर किसी को अपनी और खींचती है| हम सभी अपने घरो की सजावट में फूलों का प्रयोग अवश्य ही करते हैं| और यह बहुत अच्छा व् शुभ भी है| परन्तु इसके इस्तेमाल में हम सभी जाने अनजाने एक बहुत बड़ी भूल करते है:
1.घर में कभी भी आर्टिफीसियल नकली फूलों का प्रयोग ना करें| ऐसा करने से घर में रहने वाले लोगो को शरीर में दर्द की समस्या होगी|
2.फूलों को समेट कूड़े में नहीं फेंके इन्हे तोड़ तोड़ के गमलो में डाल दें|
3.फूलों को पैरो में न आने दे|