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गणेश चतुर्थी व्रत on 22 Apr 2019 (Monday)

1.   ब्रह्म मुहूर्त (सूर्य उदय के पूर्व) में उठकर, पीले रंग के वस्त्र धारण करें। भगवन गणेश के व्रत का संकल्प लें|

2.   पूजन के समय, एक चौकी रखें उसपे हरे रंग का कपडा बिछाएं और गणेश मूर्ति की स्थापना करें|

3.   मूर्ति स्थापना के पश्चात कलश स्थापना करें, एक लोटे में जल लें उसपे आम के पत्ते और श्री फल रखें|

4.   श्रीफल अथवा लोटे दोनों पर हल्दी कुमकुम से स्वस्तिक बनाये और कलावा अर्पित करें|

5.   इसके पश्चात षोडश ओपचार पूजन करें निम्न लिखित तरीके से:-

        i.      आवाहन - समस्त देवी देवताओ का ध्यान कर उनका स्वागत करें|

       ii.      आसन - सब देवी देवताओं को स्थान ग्रहण कराएं

     iii.      पद्य - जल से सभी देवी देवताओं के चरण धोये

     iv.      अर्ग्य - अपने हाथों पर जल छींटा देकर हाथ धोये

       v.     आचमन - जल से आचमन करें

     vi.      स्नान - मूर्तियों अथवा खुद पर गंगाजल का छींटा देकर शुद्ध करें

    vii.     स्नान - भगवान गणेश को क्षमता अनुसार वस्त्र अर्पित करें. अगर वस्त्र न हो तो मोली को वस्त्र के रूप में अर्पण करें

  viii.      यज्ञोपवीत - गणेश जी को जनेऊ अर्पित करें.

     ix.      आभरणाम - भगवान गणेश को क्षमता अनुसार गहने अर्पित करें. (मानसिक रूप से भी आप गहने अर्पित कर सकते हैं)

       x.      गंध - गणेश जी को चन्दन की सुगंध अर्पित करें

     xi.      पुष्पम - पीले फूलों की माला भगवान को अर्पित करें

    xii.      धूपं - धुप अथवा अगरबत्ती लगाएं

  xiii.      दीपम - घी अथवा तिल के तेल का दीपक जलाएं

  xiv.      नैवेद्य - फल, मिठाईयों का भोग भगवान गणेश को लगाएं

    xv.      अर्चना - सबसे पहले गणेश वंदना कर पूजा शुरू करें| गणेश मन्त्र का जप करें (ॐ गं गणपतये नमः) व् गणेश स्तोत्र का पाठ करें|

  xvi.      नमस्कारम - अपनी पूजा के पूर्ण होने पर गणेश भगवान सहित समस्त देवी देवता को नमस्कार कर अपनी पूजा स्वीकार करने की प्रार्थना करें|