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गौरी विसर्जन विधि on 07 Sep 2019 (Saturday)

ज्येष्ठ गौरी पूजन

1.   ज्येष्ठ गौरी पूजन हिन्दू धर्म में मनाये जाने वाला एक बहुत ही सुन्दर पर्व है| जो की मुख्यता महाराष्ट्र की महिलाओं द्वारा बोहोत ही ख़ूबसूरती से मनाया जाता है|

2.   गौरी पूजन तीन दिन तक गौरी आवाहन, गौरी पूजा, अथवा गौरी विसर्जन के रूप में मनाया जाता है|इस वर्ष गौरी पूजा सितम्बर से शुरू हो सितम्बर तक मनाई जाएगी|

सितम्बर - गौरी आवाहन

सितम्बर - गौरी पूजन

सितम्बर - गौरी विसर्जन

3.   गौरी पूजन गणेश चतुर्थी व् गणेश विसर्जन के बीच मनाये जाने वाला पर्व है|

गौरी विसर्जन विधि

1.       विसर्जन के दिन महिलाएं सूर्य उदय के पूर्व उठे और खुद को शुद्ध कर स्नान करें|

2.       विसर्जन से पहले माँ गौरी की विधिवत पूजा करें

3.       उनके आगे दीपक लगाएं|

4.       उनको सुन्दर सुंगंधित फूल अर्पित करें|

5.       उनको फल, मिष्ठान, हलवा पूरी आदि का भोग लगाएं|

6.       उनकी कपूर से आरती कर उनके मन्त्र पार्वत्यै नमः का जाप करें|

7.       पूजा पूर्ण होने के बाद गाजे बाजों के साथ उनकी मूर्ति विसर्जन के लिए निकले|

8.       किसी पवित्र नदी सरोवर पर जाकर उनका मूर्ति विसर्जन करें|

9.       माँ गौरी से अपनी पूजा स्वीकार करने की प्रार्थना करे और उनसे पूजा में हुई भूल की क्षमा याचना करें|

10.   विसर्जन के दौरान माँ गौरी के १०८ नाम का मन में जाप करें|(यह नाम आप एक कागज़ पर लिखकर भी साथ लकर जा सकतें है)|

11.   विसर्जन के बाद प्रसाद वितरण करें भ्रमणों को भोजन कराएं उनको दान दें|

12.   उसके बाद अपना व्रत का पारायण करें|(पूजा विसर्जन के पूर्व या बीच में भी फलाहार ले सकते हैं)

 व्रत स्वदेव अपने स्वास्थय को ध्यान में रख कर ही करें| भगवान् आपकी श्रद्धा भाव से प्रसन्न होते है| ऐसा व्रत कदापि करें जिस से आप अपने शरीर को कष्ट दे|