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जानिए क्या है कार्तिक पूर्णिमा का महत्व और पूजन विधि on 12 Nov 2019 (Tuesday)

  • भारत देश में व्रत और त्योहारों को बहुत महत्व दिया जाता है. भारतीय संस्कृति में हर दिन, हर सप्ताह या हर महीने कोई कोई पर्व या त्योहार मनाया जाता है.
  • भारतीय संस्कृति में कार्तिक महीने में पडने वाली पूर्णिमा को भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. कार्तिक पूर्णिमा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष तिथि को मनाई जाती है.
  • हिंदू धर्म में देवताओं में भी कार्तिक पूर्णिमा का महत्व माना जाता है. ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान भोलेनाथ ने त्रिपुरासुर नामक राक्षस का अंत किया था. इसी वजह से कार्तिक पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करना, दीपदान, भगवान की पूजा, हवन, आरती और दान को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है.
  • कार्तिक का महीना पुण्य प्रदान करने वाला होता है. यह महीना भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने का भी विशेष महत्व होता है. धार्मिक मान्यता के अनुसार कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने से पूरे साल गंगा स्नान करने जितना पुण्य प्राप्त होता है

कार्तिक पूर्णिमा की कुछ ख़ास बातें :

  • ज्योतिष शास्त्र में बताया गया है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान करने से मनुष्य को विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. इस दिन संध्याकाल में विष्णु भगवान ने मत्स्य अवतार लिया था. इसलिए कार्तिक पूर्णिमा के दिन विष्णु जी की पूजा का खास महत्व होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने के बाद दीप दान करने से 10 यज्ञों के बराबर पुण्य प्राप्त होता है.
  • धर्म ग्रंथों में बताया गया है कि कार्तिक महीने में पड़ने वाली पूर्णिमा के दिन भगवान शिव ने त्रिपुरासुर नामक असुर का संहार किया था.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्र उदय का समय भगवान भोलेनाथ और कृतिका ओं की पूजा करने का विशेष महत्व होता है.
  • चंद्रोदय के समय भगवान शिव और कृतिका ओं की पूजा करने से भोलेनाथ प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामना को पूर्ण करते हैं.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन हाथ में कुशा लेकर स्नान करना बहुत महत्वपूर्ण होता है.
  • अगर आप गंगा स्नान नहीं कर सकते हैं तो इस दिन अपने नहाने के पानी में थोड़ा सा गंगाजल मिलाकर और हाथों में कुशा लेकर स्नान करें.
  • ऐसा करने से आपको गंगा स्नान करने जितना ही पुण्य प्राप्त होगा.
  • स्नान करने के बाद विधिवत विष्णु भगवान की पूजा अर्चना करनी चाहिए

कार्तिक पूर्णिमा पूजन विधि :

  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन  ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान आदि करने के बाद व्रत रखने का संकल्प लेना चाहिए.
  • इस दिन गंगा, यमुना जैसी पवित्र नदी में स्नान करने का बहुत महत्व होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के किसी एक स्वरुप की पूजा करना शुभ होता है. इस दिन भक्तों को विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ जरूर करना चाहिए.
  • ऐसा करने से भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और भक्तों की सभी मनोकामना को पूर्ण करते हैं.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन गोदान करने का भी विशेष महत्व होता है.
  • इस दिन सुबह स्नान करने के बाद राम रक्षा स्त्रोत का पाठ करना चाहिए.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन चंद्रोदय के समय शिवा, सम्भूति, प्रीति ,अनसूया और क्षमा इन कृतिकाओं की पूजा जरूर करनी चाहिए.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन घी और अन्न का दान करने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है.
  • इस दिन पूजन और हवन करने के साथ-साथ मंदिरों में भंडारा करवाना शुभ होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन संध्याकाल में दीपदान करने से भगवान प्रसन्न होकर भक्तों की सभी मनोकामना को पूर्ण करते हैं

कार्तिक पूर्णिमा पर यह अवश्य करें :

  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन यमुना नदी पर स्नान करके भगवान श्री कृष्ण और राधा जी का पूजन करके दीप दान करना चाहिए.
  • इस दिन दीपदान करने से भगवान श्री कृष्ण प्रसन्न होते हैं.
  • कार्तिक पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धा तथा विश्वास पूर्वक पूजा पाठ और हवन आदि करने से आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान करने के बाद गरीब व्यक्तियों को दान करने से विशेष पुण्यो की प्राप्ति होती है. इस दिन मौसमी फल, उड़द की काली दाल, चावल आदि का दान करना शुभ होता है.
  • दान करने के बाद चंद्रमा को अर्घ्य देना चाहिए.शास्त्रों में कार्तिक पूर्णिमा का विशेष महत्व बताया गया है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान का भी विशेष महत्व होता है.
  • इस दिन 4 महीने के बाद विष्णु भगवान नींद से जागते हैं. इसलिए इस दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है. ऐसा माना जाता है कि जो मनुष्य कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्री कृष्ण के समीप अखंड दीप दान करता है वह दिव्य कांति से युक्त हो जाता है.
  • जो मनुष्य कार्तिक पूर्णिमा के दिन श्री कृष्ण के मंदिर में दूसरों के द्वारा रखे गए दीपक को प्रज्वलित करता है उसे कभी भी नर्क का दुख नहीं झेलना पड़ता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु के मंदिर में दीपक जलाने से धन यश कीर्ति की प्राप्ति होती है और मनुष्य के साथ उसके कुल पवित्र हो जाते हैं.
  • इस दिन मिट्टी के दीपक में घी या तिल का तेल डालकर दीपक जलाने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. 

कार्तिक पूर्णिमा के मुख्य नियम:

  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन दीपदान करने के लिए कुछ नियम होते हैं.
  • इस दिन किसी नदी मंदिर, पीपल, चौराहा आदि जगहों पर दीपक जलाना शुभ होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान विष्णु का ध्यान करके किसी स्थान पर दीपक जलाना दीपदान कहलाता है.
  • दीप दान करने से अंधकार दूर होता है और उजाले का आगमन होता है.
  • इस दिन मंदिरों में दीपदान किए जाते हैं.
  • ऐसा माना जाता है कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन किया गया धार्मिक कार्य बहुत फलदाई होता है.
  • शास्त्रों के अनुसार कार्तिक का महीना सबसे पवित्र महीना होता है.
  • यह महीना भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन की गई थोड़ी सी उपासना से भी भगवान बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते हैं.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन तीर्थ स्थान और दीपदान का बहुत महत्व होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा को देव दीपावली के नाम से भी जाना जाता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान श्री कृष्ण का पूजन करना शुभ माना जाता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन मनुष्य को प्याज, लहसुन और बैगन आदि का सेवन नहीं करना चाहिए.
  • इस दिन पूजा और व्रत करने वाले व्यक्ति को जमीन पर सोना चाहिए.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन आलस्य का त्याग करके ब्रह्म मुहूर्त में जागना चाहिए.
  • इस दिन मनुष्य को पूरी तरह से ब्रह्मचर्य व्रत का पालन करना चाहिए.
  • इस दिन तुलसी को जल देकर दीपक जलाना शुभ होता है.
  • कार्तिक पूर्णिमा के दिन किसी पवित्र नदी में स्नान करने का विशेष महत्व होता है.