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जानिए क्या है पोहेला बैसाख का महत्व on 14 Apr 2020 (Tuesday)

जानिए क्या है पोहेला बैसाख का महत्व

क्या है पोहिला बैशाख-

बंगाली नया साल अप्रैल महीने के बीच में मनाया जाता है. इस दिन सभी बंगाली लोग एक दूसरे को शुभो नोबो बोर्सो कहकर नववर्ष की बधाई देते हैं. यह वैशाख महीने का पहला दिन होता है. पोहिला का अर्थ है प्रथम और बैशाख का अर्थ है बंगाली कैलेंडर का पहला महीना होता है. बंगाली कैलेंडर हिंदू वैदिक सौर मास पर आधारित होता है. पोहेला बैसाख को बंगाल के साथ साथ नजदीकी पहाड़ी राज्यों पड़ोसी देशों में भी बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बंगाल निवासियों को पोहिला वैशाख के पर्व का बेसब्री से इंतजार रहता है. इस दिन पश्चिमी बंगाल और असम में सरकारी छुट्टी होती है

पोहिला वैशाख का महत्व

बंगाल में वैशाख के पूरे महीने को बहुत ही शुभ माना जाता है. पोहिला वैशाख के अवसर पर सभी लोग अपने अपने घरों की साफ-सफाई करते हैं. घर में रंग करवाते हैं. सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के पश्चात नए वस्त्र धारण करते हैं. बंगाली लोग इस दिन अपना ज्यादा समय पूजा-पाठ और रिश्तेदारों से मिलने में बिताते हैं. पोहिला वैशाख के दिन सभी घरों में विशेष प्रकार के व्यंजन बनाए जाते हैं. बंगाल में पोहेला बैशाख के दिन परिवार की सुख समृद्धि की कामना के लिए पूजा की जाती है. इस दिन कोलकाता के कालीघाट मंदिर में भक्तों की लंबी भीड़ देखी जा सकती है. कोलकाता में मौजूद कालीघाट मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक है

कब मनाया जाता है पोहिला बैशाख का पर्व-

पोहिला वैशाख का पर्व 14 अप्रैल को मनाया जाता है.

वैशाख से जुड़ी विशेष बातें

• पोहिला वैशाख के दिन लोग सुबह जल्दी उठकर उगते हुए सूरज को देखते हैं

• मान्यताओं के अनुसार ऐसा करना बहुत ही शुभ माना जाता है

• बंगाल में सभी लोग इस दिन गीत गाते हैं और इस त्योहार के अवसर पर पारंपरिक कपड़ों में सजे धजे दिखाई देते हैं. इस दिन सभी महिलाएं भी नई साड़ियां पहनती हैं. लड़के लोग इस दिन कुर्ता पजामा धोती पहनते हैं

• पोहिला वैशाख के दिन लोग सुबह सुबह नाश्ते में प्याज, हरी मिर्च और फ्राइड हिलसा फिश के साथ पांता भात खाते हैं

• पोहिला बैशाख के दिन बंगाली लोग भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की पूजा करते हैं

• इस दिन अच्छी बारिश और बादलों के लिए भी पूजा की जाती है

• पोहेला बैशाख के दिन सभी लोग यह प्रयास करते हैं कि उनके ऊपर कोई भी कर्ज बाकी ना रहे

• पोहिला बैशाख के दिन तरक्की के लिए व्यापारी लोग नया बहीखाता बनाते हैं. जिसे हाल खाता कहा जाता है

• पूजा के पश्चात ही नए बही खाते में हिसाब लिखना शुरू किया जाता है

• पूजा के दौरान पंडित मंत्र पढ़ते हैं और वही खाते पर स्वास्तिक के चिन्ह का निर्माण करते हैं

• बांग्लादेश की राजधानी ढाका के साथ साथ अन्य देशों में भी पोहिला वैशाख का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है

बंगाल में पोहेला बैशाख का महत्व

• बंगाली लोगों के लिए नया साल बहुत ही महत्वपूर्ण होता है

• विशेष रूप से विवाह के मद्देनजर वैशाख का पूरा महीना बहुत ही शुभ माना जाता है

• पोहिला वैशाख के दिन सभी बंगाली लोग अपने अपने परिवार के अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं

बंगाली लोग पोहिला बैशाख के दिन से किसी भी नए कार्य की शुरुआत करना शुभ मानते हैं

पोहेला बैशाख के दिन पारंपरिक थाली

• इन सभी चीजों के साथ-साथ को हिला वैशाख का मुख्य आकर्षण भोजन होता है

• बंगाल में इस दिन सभी लोग मांस, मछली अलग-अलग प्रकार की मिठाइयां खाते हैं

• लोग एक दूसरे को पोहिला बैशाख के अवसर पर भोजन के लिए आमंत्रित करते हैं

• बंगाल में इस दिन होटलों में बंगाली फूड फेस्टिवल का आयोजन किया जाता है

• इस दिन घर में सभी छोटे अपने से बड़े लोगों के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं.