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जानिए क्या है पुथांडु का महत्व on 14 Apr 2020 (Tuesday)

जानिए क्या है पुथांडु का महत्व

क्या है पुथांडु-

पुथांडू का पर्व विशेष रूप से तमिलनाडु में मनाया जाता है. तमिलनाडु में इस दिन को नव वर्ष या पुथुवरुशम भी कहा जाता है. पुथांडु तमिल कैलेंडर का पहला दिवस होता है. ग्रेगोरियन कैलेंडर के मुताबिक पुथांडु का पर्व हर साल 14 अप्रैल के दिन मनाया जाता हैइसी दिन केरल में विशु का पर्व और मध्य तथा उत्तर भारत में बैसाखी का त्यौहार भी मनाया जाता है.

पुथांडु का महत्व-

तमिलनाडु में पुथांडू के पर्व को बहुत ही महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी दिन दूसरे राज्यों में जैसे- हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, हरयाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, बिहार, और त्रिपुरा में भी इस दिन को अलग अलग नामो से मनाया जाता है. पुथांडु का दिन तमिल कैलंडर का पहला दिन होता है. अप्रैल माह में तमिल नया साल मनाने की प्रथा पूर्व तमिल साहित्य से जुडी हुई है. तमिलनाडु के दक्षिण इलाके में रहने वाले कुछ लोग पुथांडु के पर्व को चित्तिरै विशु के नाम से मनाते हैं. इस दिन तमिलनाडु में घरों के मुख्यद्वार पर रंगीन चावल के पाउडर से सुन्दर कोलम बनाया जाता हैं.

पुथांडु से जुडी विशेष बाते-

• पुथांदू के पर्व के दिन तमिल लोग अपने सभी रिश्तेदारों को पुथांडूवाल्टतुक्काकह कर बहुत सारी शुभकामनायें देते हैं

• वाल्टतुक्काअर्थ होता है नए साल की हार्दिक शुभकामनायें…. 

• तमिलनाडु में सभी लोग पुथांडु का पर्व अपने परिवार के साथ मिल कर धूमधाम से मनाते हैं

• पुथांडु के दिन सभी लोग अपने अपने घरों की अच्छी तरह से साफ़ सफाई करते हैं और घरों को फूलों और रंगीन लाइट्स से सजावट करते हैं

• पुथांडु के दिन सभी लोग नए वस्त्र धारण करते हैं

• इस दिन सभी लोग सुबह सुबह स्नान करने के पश्चात् मंदिर में पूजा  करने जाते हैं और भगवान् से अपने परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करते हैं.

पुथांडु से जुडी मान्यताएं-

• पुथांडु के दिन सभी लोग अपने से बड़ो के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लेते हैं और उन्हें सम्मान प्रदान करते हैं

• पुथांडु के अवसर पर सभी लोग अपने अपने घरों में शाकाहारी भोजन पकाते हैं

• पुथांडू का पर्व तमिल हिन्दू लोगों के साथ साथ पुडूचेरी के बाहर जैसे श्रीलंका, मलेशिया, सिंगापोर, मॉरिशस में भी बहुत धूमधाम के साथ मनाया जाता है.

पुथांडु पूजन विधि-

• पुथांडू पर्व के दिन संध्या काल में 3 फल (आम, केला और कटहल), पान के पत्ते को एक बर्तन या ट्रे में रखा जाता है.

• अब इसमें सोने / चांदी के ज़ेवर, सिक्के / पैसा, फूल और एक आइना भी रखा जाता है.

• मदुरै , चित्तेरै थिरुविज्हा, मिनाक्षी मंदिर में पुथांडु का पर्व बहुत ही धूमधाम के साथ मनाया जाता है

• पुथांडु के दिन मीनाक्षी मंदिर में बहुत बड़ी और विशाल प्रदर्शनी लगायी जाती ही जिसे चित्तेरै पोरुटकात्ची कहते है

• तमिल नव वर्ष के अवसर पर तिरुविदाईमरुदुर में एक बहुत बड़े मेले का आयोजन किया जाता है

• तिरुविदाईमरुदुर कुम्बकोनम के पास मौजूद है. तमिल हिन्दू लोग पुथांडु के अवसर पर अपने अपने घरों की अलग अलग तरह के सुन्दर डिजाईन से सजावट करते हैं और खुशियाँ मनाते हैं.