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ज्येष्ठ गौरी पूजन विधि on 13 Sep 2021 (Monday)

 

ज्येष्ठ गौरी पूजन 

1.   ज्येष्ठ गौरी पूजन हिन्दू धर्म में मनाये जाने वाला एक बहुत ही सुन्दर पर्व है| जो की मुख्यता महाराष्ट्र की महिलाओं द्वारा बोहोत ही ख़ूबसूरती से मनाया जाता है|

2.   गौरी पूजन तीन दिन तक गौरी आवाहन, गौरी पूजा, अथवा गौरी विसर्जन के रूप में मनाया जाता है|इस वर्ष गौरी पूजा 12 सितम्बर से शुरू हो 17 सितम्बर तक मनाई जाएगी|

12  सितम्बर - गौरी आवाहन

13  सितम्बर - गौरी पूजन

14 सितम्बर - गौरी विसर्जन

3.   गौरी पूजन गणेश चतुर्थी व् गणेश विसर्जन के बीच मनाये जाने वाला पर्व है|

गौरी पूजन विधि

1.        इस दिन महिलाएं सूर्य उदय के पूर्व उठे और खुद को शुद्ध कर व्रत का संकल्प करतीं हैं|

2.        सुबह के समय माँ गौरी की विधि वत पूजन कर फलाहार या जलाहार व्रत करें|

3.        सुबह के समय सबसे पहले गणेश पूजन करें|

4.        माँ गौरी को प्रणाम कर अपनी पूजा को स्वीकार करने की कामना करें

5.        उनके आगे घी या तिल के तेल के १६ या दीपक जलाएं|

6.        उनको सुगंध अर्पित करें

7.        लाल पीले फूलों की माला अर्पित करें|

8.        सोलह प्रकार के फल मिष्ठान का भोग लगाएं|

9.        कपूर से आरती कर पार्वत्यै नमः का क्षमतानुसार जाप करें|

10.    इस दिन गौरीशंकर, गणेश जी के भजन कीर्तन का भी बोहोत महत्व है|

11.    शाम के समय माँ गौरी की धुप दीप जला कर विधिवत आरती करें और उन्हें फलाहार का भोग लगाएं|