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नवदुर्गा अष्टम स्वरूप - माँ महागौरी| on 23 Jan 2021 (Saturday)

गुप्त नवरात्री की दुर्गाष्टमी के दिन इन तरीको से करें देवी महागौरी की पूजा 

गुप्त नवरात्री में माँ महागौरी की पूजा का महत्व-

गुप्त नवरात्री के आठवें दिन यानी कि दुर्गा महाष्टमी के दिन कन्या पूजन करने से पहले महागौरी की पूजा करने का नियम है. देवी महागौरी की पूजा बहुत ही कल्याणकारी और मंगलकारी होती है. मान्यताओं के अनुसार अगर कोई व्यक्ति सच्चे हृदय से महागौरी की पूजा करता है तो उसके सभी पाप नष्ट हो जाते हैं और मनुष्य को अलौकिक शक्तियों की प्राप्ति होती हैं. गुप्त नवरात्री के आठवें दिन को दुर्गाष्टमी या महाष्टमी भी कहा जाता है. इस दिन मां दुर्गा के आठवें स्वरूप महागौरी की विधिपूर्वक उपासना की जाती है. गुप्त नवरात्री के आठवें दिन  मां महागौरी की श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से  सुख और समृद्धि के साथ सौभाग्य की प्राप्ति होती है. माँ महागौरी अपने भक्तों के सभी कष्टों को दूर करती हैं. और मनुष्य के सभी पाप दूर हो जाते हैं. कई प्रांतो में गुप्त नवरात्र के आठवें दिन कन्या पूजन करने का भी नियम है. देवी महागौरी को रातरानी के फूल बहुत प्रिय होते है. इसलिए अगर आप माँ महागौरी को प्रसन्न करना चाहते हैं तो इन्हे रातरानी का पुष्प अर्पित करें

क्यों पड़ा देवी का नाम महागौरी-

• धर्मशाश्त्रो के अनुसार, जब माता शैलपुत्री सिर्फ 16 वर्ष की थी तब वह बहुत ही सुंदर और गौर वर्ण की थीं. अत्यधिक गौर वर्ण की होने के कारण इनका नाम महागौरी पड़ा.

• एक दूसरी मान्यता के अनुसार एक बार माता पार्वती भगवान शिव से रुष्ट होकर कैलाश पर्वत छोड़कर कहीं दूर वन में चली गईं

• वन में जाकर माँ पारवती ने कठोर तपस्या करनी प्रारम्भ कर दी.

• जब माता पारवती कई  वर्षों तक वापस नहीं लौटी तो भगवान शिव चिंतित हुए और उन्हें खोजने निकले

• जब भगवान् शिव ने माता पार्वती को देखा वे उनका स्वरूप देखकर आश्चर्यचकित रह गए.

मां महागौरी का स्वरूप

• माँ महागौरी की सवारी बैल हैं

• बैल पर सवार होने के कारण माँ महागौरी को वृषारूढ़ा भी कहा जाता है

• माँ महागौरी की चार भुजाएं हैं

• ये अपनी दायीं भुजा में त्रिशूल धारण करती हैं और दूसरी दायीं भुजा में अभय मुद्रा धारण करती हैं.

• माँ की एक बायीं भुजा में डमरू और दूसरी बायीं भुजा में वरद मुद्रा विराजमान रहते हैं

• माँ महागौरी सिर्फ श्वेत वस्त्र धारण करती हैं. इसलिए इन्हे श्वेतांबरधरा के नाम से भी जाना जाता है.

मंत्र

ओम देवी महागौर्यै नमः॥

प्रार्थना 

श्वेते वृषेसमारूढा श्वेताम्बरधरा शुचिः।

महागौरी शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा॥

स्तुति

या देवी सर्वभूतेषु माँ महागौरी रूपेण संस्थिता।

नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥

महागौरी की पूजा विधि 

• गुप्त नवरात्री के आठवें दिन माँ महागौरी की पूजा करने के लिए प्रातःकाल स्नान करने के पश्चात् स्वच्छ वस्त्र धारण करें

• अब अपने घर के पूजा कक्ष में पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाएँ

• अब अपने सामने एक लकड़ी की चौकी रखे. अब इस चौकी पर गंगाजल छिड़ककर इसे पवित्र कर लें.

• अब चौकी पर  महागौरी की प्रतिमा या चित्र की स्थापना करें

• अब अपने हाथों में फूल लेकर सच्चे हृदय से मां का ध्यान करें

• अब मां महागौरी की तस्वीर के सामने घी का दीपक प्रज्वलित करें

• अब मां महागौरी को फल, फूल और नैवेद्य अदि अर्पित करें

• माँ महागौरी को रातरानी के पुष्प अत्यंत प्रिय होते है इसलिए इन्हे रातरानी के पुष्प अर्पित करें

• अब इन्हे नारियल का भोग लगाएं. माँ महागौरी को नारियल का भोग लगाने से वो प्रसन्न हो जाती है और संतान से जुड़ी सभी समस्याओं का निवारण करती हैं.

• अब दुर्गा चालीसा और दुर्गा सप्तशती का पाठ करें. अंत में माँ महागौरी की आरती करे.

• आरती करने के पश्चात मां महागौरी के सामने अपनी मनोकामनाएं प्रकट करें

• आपकी पूजा से प्रसन्न होकर माता महागौरी आपकी सभी मनोकामनाओं को पूरा करेंगी

• गुप्त नवरात्री की अष्टमी के दिन कन्या पूजन करना बहुत ही शुभ माना जाता है

• कन्या पूजन करने के लिए नौ कन्याओं और एक बालक को अपने घर पर निमंत्रित करें. अब उन्हें स्नेह पूर्वक भोजन कराएं. और माँ के नाम के जयकारे लगाएं

• सभी कन्याओं को भोजन करवाने के पश्चात् अपनी क्षमता अनुसार भेंट और उपहार दें

• अब सभी कन्याओं के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लें और उन्हें सम्मान पूर्वक विदा करें.  

• हमारे शाश्त्रो में कन्याओं को माता का साक्षात् स्वरूप माना गया हैं.

माँ महागौरी की पूजा के लाभ-

• शास्त्रों में बताया गया है की अगर कोई व्यक्ति गुप्त नवरात्री के आठवें दिन मां महागौरी की पूजा करता है तो उसके सभी पाप धुल जाते है

• माँ महागौरी की पूजा करने से मन और शरीर पूरी तरह से शुद्ध हो जाता है

• माँ महागौरी अपने सभी भक्तों को सदमार्ग की राह दिखाती है

• माँ महागौरी की पूजा करने से मनुष्य के अंदर मौजूद अपवित्र अनैतिक विचार भी नष्ट हो जाते हैं

• देवी दुर्गा के इस सौम्य रूप महागौरी की पूजा करने से मन की पवित्रता में बढ़ोत्तरी होती है. जिससे सकारात्मक ऊर्जा आती है

• देवी महागौरी की पूजा करने से मन को एकाग्र होता है

• माँ महागौरी की पूजा करने से मनुष्य के सभी कष्ट और समस्याएं दूर हो जाते हैं.