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मासिक शिवरात्रि/शिव चतुर्दशी का महत्व on 24 Dec 2019 (Tuesday)

शिव चतुर्दशी के दिन इन तरीकों से करें भोलेनाथ की पूजा

 शिव चतुर्दशी का महत्व-

 हिंदू धर्म में भोलेनाथ को सभी देवताओं से उच्च और श्रेष्ठ माना जाता है. सभी शिव भक्त अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा करते हैं. हर सोमवार के दिन शिवजी की विशेष पूजा की जाती है. वैसे तो भगवान शिव की पूजा कभी भी की जा सकती है पर शिव चतुर्दशी के दिन भगवान की शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन भोलेनाथ की पूजा करना बहुत ही शुभकारी माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव चतुर्थी मनाई जाती है. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखा जाता है और विधिवत पूजा की जाती है. सभी शिव भक्त मनोवांछित फलों की प्राप्ति के लिए शिव चतुर्दशी के दिन व्रत करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं. भगवान शिव अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं.

 

शिव चतुर्दशी से जुडी खास बातें-

  • शिव पुराण में बताया गया है कि शिव चतुर्दशी के दिन उपवास करने से मनुष्य क्रोध, लालच और मोह के बंधन से मुक्त होकर मोक्ष को प्राप्त होता है.

• शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ, माता पार्वती, भगवान गणेश और कार्तिकेय के साथ-साथ शिव गणो की पूजा करने का नियम है.

• मान्यताओं के अनुसार शिव चतुर्दशी के दिन पूरे श्रद्धा भाव से भगवान की पूजा करने पर मनुष्य के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं.

• शाश्त्रो के अनुसार शिव चतुर्दशी के दिन व्रत करने से ऐश्वर्या, आरोग्य, संतान और विद्या की प्राप्ति होती है.

• हमारे पुराणों में बताया गया है कि जो भी मनुष्य शिव चतुर्दशी का व्रत करता है वह मृत्यु के बाद शिवलोक को प्राप्त होता है.

शिव चतुर्दशी उपवास के नियम-

• शिव चतुर्दशी के दिन प्रातः काल उठकर स्नान करना चाहिए.

• इस दिन किसी भी दूसरे व्यक्ति के प्रति कभी भी मन में द्वेष नहीं रखना चाहिए और पूरा दिन प्रसन्न रहकर भोलेनाथ का ध्यान करना चाहिए.

• शिव चतुर्दशी के दिन नित्यक्रम से निवृत होने के बाद व्रत का संकल्प लेना चाहिए और अलग-अलग प्रकार की पूजन सामग्रियों से भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए.

• इस दिन भगवान शिव की पूजा करने के बाद गरीबों को भोजन कराना चाहिए.

 

शिव चतुर्दशी पूजन विधि-

• शिव चतुर्दशी के दिन किसी भी शिव मंदिर में जाकर पुरे श्रद्धा भाव से शिवलिंग पर जल और दूध अर्पित करें.

• इसके पश्चात शिवलिंग पर बेलपत्र, दूब और शमी पत्र चढ़ाएं.

• अब भगवान शिव पर भांग, धतूरा और श्रीफल चढ़ाकर शिव मंत्रों का जाप करें.

• शिव चतुर्दशी के दिन उपवास करने वाले व्यक्ति को एक समय भोजन ग्रहण करना चाहिए और शिव जी की धूप, दीप, पुष्प आदि से श्रद्धा पूर्वक पूजा करनी चाहिए. 

• शिव चतुर्दशी के दिन पूजा करने के बाद नीचे दिए गए मंत्र का जाप करें.

ओम त्र्यंबकम यजामहे सुगंधिम पुष्टिवर्धनम उर्वारुकमिव वंदना मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्

या

ॐ नमः शिवाय

• शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ के पंचाक्षरी मंत्र "ओम नमः शिवाय” का जाप करना भी शुभ फल प्रदान करता है.

 

अलग अलग मनोकामना ओं की पूर्ति के लिए शिव चतुर्दशी के दिन भगवान शिव को अर्पित करें यह चीजें-

• अगर आप धन प्राप्त करना चाहते हैं तो शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ को चावल चढ़ाएं.

• पापों का नाश करने के लिए शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ को तिल अर्पित करें.

• सुख और समृद्धि पाने के लिए शिव चतुर्दशी के दिन भगवान शिव को जौ अर्पित करें.

• जो लोग संतान प्राप्ति की कामना रखते हैं उन्हें शिव चतुर्दशी के दिन भोलेनाथ को गेहूं अर्पित करना चाहिए.