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भाई बहनों का त्यौहार रक्षा बंधन| on 11 Aug 2022 (Thursday)

रक्षा बंधन को त्यौहार हिदुंओं के प्रमुख त्यौहारों में से एक है। इस दिन बाजारों की रौनक देखते ही बनती है। यह त्यौहार बहुत ही खुशी का पल होता हैं क्योंकि भाई बहन अपने जीवन में कितने ही व्यस्त क्यूँ ना हों, इस शुभ दिन अपने भाई-बहन से मिलने का समय निकाल ही लेते है। राखी, रक्षाबंधन, त्योहार, रक्षाबंधन, rakhi, raksha bandhan, festival, रक्षाबंधन कब है, 2021 का रक्षाबंधन कब है, raksha bandhan 2021, raksha bandhan date, when is raksha bandhan in 2021, rakhi kab hai 2021, raksha bndhan, rksha bandhan, rakhdi, rakhri, how to celebrate raksha bandhan

कब मनाते है रक्षा बंधन –

यह त्यौहार हिन्दू कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास की पूर्णिया तिथि को मनाया जाता है। राखी भाई और बहन के प्रेम का प्रतीक का बंधन है। रक्षा बंधन को राखी का त्यौहार भी कहा जाता है। इस दिन  

रक्षा बंधन का धार्मिक महत्व:

केवल भाई बहन ही एक दूसरे को राखी नहीं बांधते इस शुभ दिन बल्कि पुरोहित भी अपने यजमान को राखी बांधते हैं। इसके अलावा आजकल लोग प्रकृति का महत्तव समझते हुये वृक्षों को भी राखी बांधते है ताकि मनुष्य और प्रकृति दोनों एक साथ चलती रहे।

 

रक्षाबंधन शुभ मुहूर्त| 

आप
सभी को रक्षा बंधन की हार्दिक शुभकामनाएं| आप राखी अपनी सहूलियत के हिसाब से किसी भी समय बाँध सकते हैं, परन्तु राहु काल, यमगंडम काल, भद्रा के समय राखी ना बाँधें| चौघड़िया के अनुसार शुभ समय में भी राखी बांधना उत्तम होगा| 

 


कैसे मनाते है रक्षा बंधन का पर्व :

  1. रक्षा बंधन के दिन सुबह भाई-बहन स्नानादि करने के बाद भगवान का आशीर्वाद लेते है।
  2. एक थाली में रोली, चावल, घी का दिया, पुष्प, मिठाई व् राखी रखें|
  3. सबसे पहले यह थाली भगवान् के आगे रखें और भगवान् का आशिर्वाद लें|
  4. अब भाई बेहेन आमने सामने बैठे भाई का मुख उत्तर या पूर्व दिशा की और होना चाहिए|
  5. भाई और बेहेन दोनों का सर ढका होना चाहिए|
  6. सबसे पहले भाई के माथे पर तिलक करें और चावल लगाएं|
  7. अब दिए को जला भाई के समक्ष सात बार घुमाएं|
  8. अब उसके दाएं हाथ पर रक्षा सूत्र/राखी बांधें और साथ साथ भगवान् से अपने भाई की लम्बी आयु अच्छे सवास्थय की प्रार्थन करें|
  9. अब अपने भाई को मिठाई खिलाएं और उसको आशिर्वाद भी अवश्ये दें|
  10. भाई अपने सामर्थय अनुसार अपनी बेहेन को तोहफा व् पैसे दें और उनकी जीवन भर रक्षा करने का वचन दें|
  11. इसके बाद मिठाई से मुंह मीठा कराया जाता है। वहीं आजकल बाजार में चॉकलेट से बनी मिठाइयां काफी प्रचलन में हैं।
  12. राखी बंधवाने के बाद भाई अपनी बहनों को उनकी रक्षा का वचन देते हैं जोकि जीवन पर्यंत निभाया जाता है।
  13. रक्षा बंधन का पर इस मंत्र का जाप करने का काफी अच्छा माना जाता है
येन बद्धो बलिः राजा दानवेन्द्रो महाबलः।
तेन त्वामभिबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

रक्षा बंधन की कथा:

ऐसा कहा जाता है सबसे पहले इन्द्र देवता जी की पत्नी देवी सची ने देवराज इन्द्र को असुरों पर विजय प्राप्त करने के उद्देश्य से मंत्र-जाप कर शुद्ध किया गया रक्षा सूत्र बंधा था। और इस सूत्र की शक्ति के कारण देवराज युद्ध में विजयी होकर लौटे।

इसके अलावा एक और कथा है कि शिशुपाल के वध के समय भगवान कृष्ण जी की उंगली कट गयी थी तब द्रौपदी जी ने अपनी साड़ी का हिस्सा फाड़कर कृष्ण जी की उंगली पर बांधा। उस समय सावन पूर्णिमा की तिथि थी और भगवान श्री कृष्ण जी ने द्रौपदी जी को जीवन पर्यंत रक्षा का वचन दिया। और इसिलिये द्रौपदी के चिरहरण के समय श्री कृष्ण जी ने उनकी मदद की थी।

इसके अलावा एक और कहानी काफी प्रचलित है कि जब राजपूत रानी कर्मावती को अपने राज्य की रक्षा करनी की चिंता सता रही थी तो उन्होनें मुगल शासक हुमायूं को राखी भेज उनकी सहायता के लिये आग्रह किया था।