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सावन सोमवार व्रत महत्व| on 18 Jul 2022 (Monday)

सावन का महीना ना केवल चारों ओर हरियाली और खुशहाली का होता हैं बल्कि भक्ति में लीन होने का भी होता है। सावन मास खासतौर पर शिव भक्तों के लिये काफी विशेष होता है। भक्त इस महीने पूरे दिल से भगवान शिव की उपासना करते हैं।

 

क्यूँ होता है सावन का हर सोमवार बेहद खास - खास बात ये है कि इस महीने के सभी सोमवार काफी विशेष होते है। सोमवार का दिन भगवान शिव जी का बहुत ही प्रिय दिन है। 

इस साल सावन के महीने में कुल पांच सोमवार  रहे है जो कि इस प्रकार है 

 

06 जुलाई - 06 जुलाई को इस सावन महीने का पहला सोमवार होगा। इस सोमवार को मरुस्थली नाग पंचमी के नाम से भी जाना जाता है।
13 जुलाई -  13 जुलाई को इस सावन महीने का दूसरा सोमवार था। 
20 जुलाई -  20 जुलाई को इस महीने को तीसरा सोमवार पड़ेगा। 
27 जुलाई  - 27 जुलाई इस महीने का चौथा सोमवार है|
3 अगस्त - 3 अगस्त इस महीने का आखरी व् पांचवा सोमवार है, जो पूर्णिमा तिथि के दिन मनाया जाएगा|

 

श्रावण माह का पौराणिक महत्व -पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार भोलेनाथ शिव ने राजा दक्ष को वरदान दिया था कि सावन महीने में वह कैलाश पर्वत से उतर कर नीचे आयेगें और दुनिया में उपस्थित सभी शिवलिंग में वास करेंगे।

 क्या करें सावन में - सावन के महीनें मे अगर कोई भी श्रद्धालु शिवलिंग पर जल को च़ढाता है तो वह गंगाजल चढाने के समान माना जाएग। और शिव जी इसे अपने भक्त की ओर से चढाये गये प्रेम के रुप में स्वीकार कर लेगें। इस पवित्र महीने में श्रद्धालु शिवलिंग पर जल चढ़ाकर आसानी से भोलेनाथ की कृपा प्राप्त कर सकते है।

जल गंगाजल बनकर स्वयं भगवान शिव जी को प्राप्त होगा और भगवान शिव को जल धारा काफी प्रिय है। इसीलिये शिवलिंग पर जल अवश्य चढायें । इसके अलावा सावन महीना में बेलपत्र चढ़ाने को भी काफी शुभ माना गया है। केसर युक्त चंदनसूखे मेवे का भोगआकड़े के फूल  धतूरा के साथ पूजा करे। ओम नमशिवाय मंत्र का जाप अवश्य करें। नकारात्मकता से दूर रहें।

 और अंत में – ऐसा माना जाता है कि श्रद्धालुओं भगवान भोले नाथ की उपासना इस महीने मे करने से भक्तों को सभी प्रकार के दैविकदैहिक  भौतिक दुखों से मुक्ति प्राप्त होती है।