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मासिक दुर्गा अष्टमी | Masik Durga ashtami on 24 Feb 2026

दुर्गा अष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।


Pongal on 15 Jan 2019

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पापांकुशा एकादशी | Papankusha Ekadashi on 22 Oct 2026

सब व्रतों में सर्वश्रेष्ठ व्रत है एकादशी का व्रत।  एक साल में कुल चौबीस एकादशी होतीं हैं परन्तु अधिक मास में दो एकादशी और आ जाने से कुल छबीस एकादशियाँ हो जाती है।  एकादशी एक मात्र ऐसा व्रत है जो मनुष्य के सब पापो का नाश कर उसकी बुद्धि को सत्मार्ग पर चलने के लिए दिशा देता है।  मनुष्य को एकादशी के व्रत से मोक्ष की भी प्राप्ति होती है।  एकादशी एक मात्र ऐसा व्रत है जिस से मनुष्य सभी देवी देवताओं को प्रसन्न कर उनकी कृपा पा लेता है। 


भारत मिलाप on 27 Oct 2020

रावण का वध करने के उपरांत जब भगवान् राम ने अयोध्या के लिए आगे बढे तो, पापांकुशा एकादशी के दिन ही उनका अपने प्रय भाई भरत से मिले| इसी सन्दर्भ में इस दिन को भरत मिलाप के नाम से भी जाना जाता है|


माघ बिहू | Magh Bihu on 15 Jan 2026

भोजन से जुड़े इस बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार को भोगली बिहू या उरकु भी कहा जाता है। यह विशेष रूप से असम के मेहनती किसानों के अपने श्रम का लाभ पाने के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। सभी लोग बड़े धूम-धाम के साथ इस त्यौहार को अपने प्रियजनों से साथ मनाते हैं,। इस विशेष दिन असम के कई धार्मिक लोग इस रात को उपवास और प्रार्थना भी करते है। महिलाएं कई दिनों पहले ही बिहू की तैयारी में जुट जाती है और तैयार किये गये खाद्य पदार्थों को शुभ मीजी स्थान पर ले जाती हैं।


स्कन्द षष्टी/चंपा षष्टी | skand shashti on 24 Jan 2026

1. स्कन्द षष्टी दक्षिणी भारत में मनाये जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है| इस दिन गौरी शंकर भगवान के पुत्र कार्तिकेय  की पूजा करि जाती है|

2. भगवान् स्कन्द को मुरुगन,कार्तिकेयन, सुब्रमण्या के नाम से भी जाना जाता है| यह भाद्रपद मॉस के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को मनाया जाता है| कार्तिकेय के पूजन से रोग, दुःख और दरिद्रता का निवारण होता है।

3. कथाओं के अनुसार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न छह मुख वाले बालक स्कन्द की छह कृतिकाओं ने स्तनपान करा कर रक्षा की थी, इसीलिए कार्तिकेय' नाम से पुकारा जाने लगा।


रथ सप्तमी on 12 Feb 2019


भीष्म अष्टमी on 13 Feb 2018


कुर्मा द्वादशी | Kurma Dwadashi on 29 Jan 2026

यह विशेष व्रत त्यौहार भगवान् विष्णु के अवतार अर्थात् भगवान कुर्म की पूजा के लिए  पूरी तरह से समर्पित है। यह हिंदू महीने मे 'पौष' के बारहवें दिन बहुत ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। ऐसा माना जाता है कि यह व्रत बहुत ही फलदायी होता है । दसवें दिन से यह व्रत प्रक्रिया शुरू होती है।  विधि पूर्वक व्रत पालन करने से विशेष फल प्राप्त कर सकते है। इस शुभ दिन व्रत रखने वाला भक्त अपने सभी पापों से मुक्त होकर मोक्ष प्राप्त करता है। द्वाद्शी पर व्रत तोड़ा जा सकता है और यह व्रत का समापन माना जाता है।
 


रोहिणी व्रत | Rohini Vrat on 25 Nov 2026

त्यौहार हमारे जीवन को खुशियों से भर देते हैं और आगे बढने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही इस बात का संदेश भी देते है कि धर्म व ईश्वर से जुड़े रहना कितना अधिक आवश्यक है । और एक ऐसा ही महत्वपूर्ण व्रत-त्यौहार है रोहिणी व्रत।

रोहिणी व्रत - जैन समुदाय को मह्त्तवपूर्ण त्यौहार –

जैन समुदाय में रोहिणी व्रत महत्वपूर्ण व्रत में से एक है। रोहिणी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति के लंबे जीवन व खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। इस दिन महिला सजती और संवरती है। और इस दिन महिलाओं की खुशी देखते ही बनती है । रोहिणी जैन और हिंदू कैलेंडर में सत्ताईस नक्षत्रों में से एक नक्षत्र है।


मासिक दुर्गाष्टमी |Masik Durgaashtami on 24 Apr 2026

दुर्गा अष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।


मासिक कार्तिगाई | Masik Karthigai on 16 May 2026

मासिक कार्तिगाई एक विशेष मासिक-त्यौहार है जिसे बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस त्यौहार को तमिल-हिंदुओं द्वारा भी बहुत ही जोर-शोर के साथ मनाया जाता है।

भगवान सुब्रहमण्यम का आशीर्वाद -

आदिम और थाई के तमिल महीनों से शुरू होने वाले छह महीनों के लिए अनुष्ठान मनाया जा सकता है। लगातार 12 वर्षों तक माणिक कार्तिगई व्रत का पालन करते हुए कहा जाता है कि भक्तों को महान सौभाग्य और भगवान सुब्रह्मण्यम का आशीर्वाद मिलता है। कार्थिगई व्रत में भोजन से पूरी तरह मना होता है पर आज के समय में ऐसा व्रत रखना संभव नहीं हैतो भक्त फल और दूध का सेवन कर सकते हैं।


कुम्भ संक्रांति on 13 Feb 2019


शनि प्रदोष व्रत | Shani Pradosh Vrat on 14 Feb 2026

शनि प्रदोष व्रत विधि

1.         व्रत रखने वाले व्यक्ति को व्रत के दिन सूर्य उदय होने से पहले उठना चाहिये।

2.         स्नान आदिकर भगवान् शिव का नाम जपते रहना चाहिए|

3.         सुबह नहाने के बाद साफ और आसमानी वस्त्र पहनें।


जया एकादशी on 16 Feb 2019


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