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सावन शिवरात्रि कथा

श्रावण शिवरात्रि के दिन भूलकर भी ना करें यह काम

जो लोग सावन शिवरात्रि या सावन सोमवार का व्रत करते हैं उन्हें इस महीने में दूध का सेवन नहीं करना चाहिए. श्रावण मास में भोलेनाथ का अभिषेक दूध से किया जाता है, इसलिए हमारे शास्त्रों में श्रावण मास में दूध का सेवन वर्जित बताया गया है. श्रावण मास में भगवान शिव के भक्तों को कभी भी बैंगन का सेवन नहीं करना चाहिए. शास्त्रों के अनुसार बैंगन को अशुद्ध माना जाता है. कभी भी भोलेनाथ की पूजा में भूलकर भी तुलसी के पत्ते और केतकी के फूल का इस्तेमाल ना करें

श्रावण शिवरात्रि कथा

मान्यताओं के अनुसार जब देवताओं और असुरों के बीच समुद्र मंथन किया जा रहा था, तब मंथन के दौरान समुद्र से विष से भरा हुआ एक घड़ा बाहर आया. इस विष से भरे हुए घड़े को देवता और असुर दोनों ही लेने के लिए तैयार नहीं थे. विष के असर से दुनिया का नाश हो सकता था. तब विष के असर को खत्म करने और पूरे विश्व को नष्ट होने से बचाने के लिए भोलेनाथ ने विष का सेवन किया. विष के असर से भोलेनाथ का तापमान बढ़ता जा रहा था. तभी सभी देवताओं ने विष के असर को कम करने के लिए भोलेनाथ पर जल अर्पित करना आरंभ किया. तब से श्रावण मास में भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाता है.

॥ अथ श्री शिवाष्टकं ॥