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षटतिला एकादशी | Shattila Ekadashi on 14 Jan 2026

अन्य एकादशी व्रतों के समान, षटतिला एकादशी भी भगवान विष्णु को समर्पित है। उनकी विधि –विधान से पूजा करने से विशेष लाभ प्रदाना होते है। आपके सभी दुखों और दुर्भाग्य का नाश होता है। इसे कृष्ण माघ कृष्ण एकादशी या फिर षटतिला एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। षटतिला एकादशी के शुभ दिन पर पूर्वजों या पितरों को तिल और जल चढाना भी शुभ माना जाता है।


महर्षि दयानन्द सरस्वती जयंती on 28 Feb 2019


रवि प्रदोष | Ravi Pradosh on 12 Jul 2026

रवि प्रदोष पूजन विधि

1.         व्रत रखने वाले व्यक्ति को व्रत के दिन सूर्य उदय होने से पहले उठना चाहिये।

2.         सुबह नहाने के बाद साफ और लाल वस्त्र पहनें

3.         स्नान आदिकर भगवान् शिव का नाम जपते रहना चाहिए|


दर्श अमावस्या-पूर्वजों का तर्पण करने का दिन on 06 Mar 2019

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फाल्गुन अमावस्या on 06 Mar 2019

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रामकृष्ण जयंती on 08 Mar 2019

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Vinayak Chaturthi/श्रीगणेश चतुर्थी on 21 Feb 2026

शुक्ल पक्ष चतुर्थी

शिव-पार्वती के पुत्र गणेश जन्म की कथा वर्णन से पता चलता है की गणेश का जन्म होकर निर्माण बल्कि पार्वती जी के शरीर से उतारी गई हल्दी से हुआ था। स्नान पूर्व गणेश को अपने रक्षक के रूप में बैठा कर वो चली गईं और शिव जी इस बात से अनभिज्ञ थे। पार्वती से मिलने में गणेश को अपना विरोधी मानकर उनका सिर काटकर अपने रास्ते से हटा दिया।


जब वास्तविकता का ज्ञान हुआ तो अपने गणो को उन्होंने आदेश दिया की उस पुत्र का सिर लाओ जिसके ओर उसकी माता की पीठ हो। शिव-गणो को एक हाथी का पुत्र जब इस दशा में मिला तो वो उसका सिर ही ले आए और शिव जी ने हाथी का सिर उस बालक के सिर पर लगाकर बालक को पुनर्जीवित कर दिया। यह घटना भाद्रमास मास की चतुर्थी को हुई थी इसलिए इसी को गणेश जी का जन्म मानकर इस तिथि को गणेश चतुर्थी माना जाता है।


सबसे अलग शरीर होने के कारण सभी देवताओं ने गणेश को सभी देवताओं का अग्र्ज़ बना दिया और तब से गणेश वंदना हर पूजा से पहले करी जाती है।


चतुर्थी तिथि को भगवान गणेश की तिथि माना जाता है। अमावस्या के बाद आने वाली शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और पूर्णिमा के बाद आने वाली कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं। भाद्रपद के दौरान पड़ने वाली विनायक चतुर्थी को गणेश चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। सम्पूर्ण विश्व में गणेश चतुर्थी को भगवान गणेश के जन्मदिन के रूप में मनाया जाता है।


स्कंद षष्ठी | Skand Shashti on 22 Feb 2026

1. स्कन्द षष्टी दक्षिणी भारत में मनाये जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है| इस दिन गौरी शंकर भगवान के पुत्र कार्तिकेय  की पूजा करि जाती है|

2. भगवान् स्कन्द को मुरुगन,कार्तिकेयन, सुब्रमण्या के नाम से भी जाना जाता है| यह भाद्रपद मॉस के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को मनाया जाता है| कार्तिकेय के पूजन से रोग, दुःख और दरिद्रता का निवारण होता है।

3. कथाओं के अनुसार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न छह मुख वाले बालक स्कन्द की छह कृतिकाओं ने स्तनपान करा कर रक्षा की थी, इसीलिए कार्तिकेय' नाम से पुकारा जाने लगा।


पापमोचिनी एकादशी on 31 Mar 2019


मासिक कार्तिगाई | Masik Karthigai on 10 Jul 2026

मासिक कार्तिगाई एक विशेष मासिक-त्यौहार है जिसे बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। इस त्यौहार को तमिल-हिंदुओं द्वारा भी बहुत ही जोर-शोर के साथ मनाया जाता है।

भगवान सुब्रहमण्यम का आशीर्वाद -

आदिम और थाई के तमिल महीनों से शुरू होने वाले छह महीनों के लिए अनुष्ठान मनाया जा सकता है। लगातार 12 वर्षों तक माणिक कार्तिगई व्रत का पालन करते हुए कहा जाता है कि भक्तों को महान सौभाग्य और भगवान सुब्रह्मण्यम का आशीर्वाद मिलता है। कार्थिगई व्रत में भोजन से पूरी तरह मना होता है पर आज के समय में ऐसा व्रत रखना संभव नहीं हैतो भक्त फल और दूध का सेवन कर सकते हैं।


ज्येष्ठा कालाष्टमी | Kalashtami on 09 May 2026

कालाष्टमी या काला अष्टमी एक बहुत ही प्रचलित हिंदू त्योहार है और भक्तों के बीच इसकी बहुत मान्यता भी है। यह विशेष त्यौहार भगवान भैरव को पूर्ण रुप से समर्पित है।

कब मनाते हैं कालाष्टमी:

यह व्रत त्यौहार पूरे विधि-विधान के साथ हिंदू चंद्र माह में कृष्ण पक्ष अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। इस दिनहिंदू भक्त पूरी श्रद्धा के साथ भगवान भैरव की पूजा करते हैं और उन्हें प्रसन्न करने के लिए उपवास भी रखते हैं। एक वर्ष में कुल 12 कालाष्टमी के दर्शन होते हैं।


अष्टाह्निका विधान on 13 Mar 2019

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रोहिणी व्रत | Rohini Vrat on 24 Mar 2026

त्यौहार हमारे जीवन को खुशियों से भर देते हैं और आगे बढने की प्रेरणा देते हैं। साथ ही इस बात का संदेश भी देते है कि धर्म व ईश्वर से जुड़े रहना कितना अधिक आवश्यक है । और एक ऐसा ही महत्वपूर्ण व्रत-त्यौहार है रोहिणी व्रत।

रोहिणी व्रत - जैन समुदाय को मह्त्तवपूर्ण त्यौहार –

जैन समुदाय में रोहिणी व्रत महत्वपूर्ण व्रत में से एक है। रोहिणी व्रत मुख्य रूप से विवाहित महिलाओं द्वारा अपने पति के लंबे जीवन व खुशहाल वैवाहिक जीवन के लिए रखा जाता है। इस दिन महिला सजती और संवरती है। और इस दिन महिलाओं की खुशी देखते ही बनती है । रोहिणी जैन और हिंदू कैलेंडर में सत्ताईस नक्षत्रों में से एक नक्षत्र है।


मासिक दुर्गा अष्टमी | Masik Durga ashtami on 26 Mar 2026

दुर्गा अष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।


शीतला अष्टमी/ बासोड़ा | Basoda/sheetla ashtami on 11 Mar 2026

शीतलाष्टमी चैत्र मास के कृष्ण पक्ष में अष्टमी तिथि को मनाई जाती है. यह लोकाचार में होली के बाद पड़ने वाले पहले सोमवार या गुरुवार के दिन भी मनाई जाती है. शुक्रवार के दिन भी इसके पूजन का नियम है, पर रविवार शनिवार या मंगलवार को अगर शीतलाष्टमी पड़ रही हो तो पूजा नहीं करनी चाहिए. 


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