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मोहिनी एकादशी on 03 May 2020 (Sunday)

मोहिनी एकादशी 

क्या है मोहिनी एकादशी-

हमारे शास्त्रों में मोहिनी एकादशी को बहुत ही पुण्यदायक बताया गया है. शास्त्रों के अनुसार वैशाख शुक्ल एकादशी तिथि के दिन ही भगवान् विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण किया था. भगवान विष्णु ने मोहिनी का रूप धारण करके सभी असुरों को मोहपाश में बांध लिया और सारा अमृत देवताओं को पिला दिया था. ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि के दिन मोहिनी एकादशी का पर्व मनाया जाता है. हिन्दू धर्म में इस एकादशी को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यताओं के अनुसार मोहिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य के पिछले जन्म और इस जन्म के सभी पाप नष्ट हो जाते है. हिंदू पौराणिक कथाओं अनुसार मोहिनी भगवान विष्णु का प्रच्छन्न रूप है. और जब से एकादशी तिथि के दिन भगवान् विष्णु ने मोहिनी रूप धारण किया था तबसे इसे 'मोहिनी एकादशी' के रूप में मनाया जाने लगा. मोहिनी एकादशी का पर्व उत्तरी भारत और आसपास के क्षेत्रों में 'वैशाख' के महीने में मनाया जाता है, तमिल कैलेंडर के अनुसार, मोहिनी एकादशी 'चिथिरई' के महीने में मनायी जाती है, बंगाली कैलेंडर के अनुसार इसे 'ज्येष्ठो' महीने में मनाया जाता है. मलयालम कैलेंडर के अनुसार मोहिनी एकादशी का पर्व 'एडवा' के महीने में मनाया जाता है. सभी लोग सुख और समृद्धि पाने के लिए और भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए मोहिनी एकादशी का व्रत पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ करते हैं

मोहिनी एकादशी का महत्त्व-

मोहिनी एकादशी का महात्म्य सर्वप्रथम भगवान श्री राम ने ऋषि वशिष्ठ को और भगवान श्रीकृष्ण ने महाराजा युधिष्ठिर को बताया था. मान्यताओं के अनुसार अगर कोई व्यक्ति मोहिनी एकादशी का व्रत करता है तो उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है. जितना पुण्य किसी व्यक्ति को तीर्थों पर जाकर, दान या यज्ञ करने से प्राप्त होता है उतना पुण्य मोहिनी एकादशी का व्रत करने से मिलता है. मोहिनी एकादशी का व्रत करने से मनुष्य को एक हजार गायों का दान करने के समान यश कीर्ति प्राप्त होती है. इस श्रद्धेय व्रत का पालन करने वाला मनुष्य जन्म और मृत्यु के निरंतर चक्र से मुक्ति प्राप्त करता है और मृत्यु के पश्चात् मोक्ष को प्राप्त करता है. हिंदू पौराणिक कथाओं में मोहिनी एकादशी को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. सूर्य पुराण में भी मोहिनी एकादशी के व्रत की महानता का वर्णन किया गया है.