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रंभा तृतीया पूजन विधि|

रंभा तृतीया पूजन विधि- 
• रम्भा तृतीया का व्रत करने के लिए सूर्योदय से पूर्व उठकर नित्य क्रियाओं से निवृत्त होने के पश्चात स्नान करें. 
• भगवान सूर्य देव अर्घ्य अवश्य दें| ताम्बे के लोटे में जल लेकर उसमे लाल फूल, रोली और चावल डालकर सूर्य देव को जल अर्पित करें.
• रंभा तृतीया के दिन मां पार्वती जी कि पूजा करें| 
• घर में पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ जाये.
• अब अपने सामने माता पार्वती व् अप्सरा रम्भा जी चित्र स्थापित करें|
• रम्भा तृतीया पूजन में गेहूं, अनाज और फूल का होना आवश्यक होता है. 
• माँ पार्वती व् अप्सरा रम्भा जी के समक्ष धुप और घी का दीपक जलाएं.
• उन्हें सुहाग की सभी सामग्री अर्पित करे.
• अब प्रसाद के रूप में मिष्ठान का भोग लगाएं.
• रम्भा तृतीया के दिन सुहागिन महिलाओं को सुहाग का सामान दान करने से माँ पार्वती और अप्सरा रम्भा जी प्रसन्न होती हैं.और आपको अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं 
• रंभा तृतीया के दिन अप्सरा रम्भा जी कि उपासना के बाद शिव पार्वती और गणेश जी का आशीर्वाद लिया जाता है. 
• अब ब्रह्मिनी को भोजन करवाने के पश्चात् अपनी क्षमता अनुसार दान दक्षिणा दें और श्रृंगार व् वस्त्र अवश्य दें|
• इसके पश्चात् व्रत का पारण करें.
 
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