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भद्रकाली जयंती क्या है? on 18 May 2020 (Monday)

भद्रकाली जयंती का महत्व और पूजन विधि 

क्या है भद्रकाली जयंती-

भद्रकाली महान देवी पार्वती के सबसे शक्तिशाली रूपों में से एक है. देवी भद्रकाली का उल्लेख सभी धर्म पुराणों में मिलता है. भद्रा का अर्थ होता है आशीर्वाद,सौभाग्य और समृद्धि से परिपूर्ण.... भद्रकाली देवी पार्वती का सबसे लोकप्रिय रूप है. जिसे राजपूतों द्वारा युद्ध से पहले पूजा जाता है. भद्रकाली जयंती का पर्व देवी भद्रकाली के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाता है. भद्रकाली जयंती का पर्व हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष के 11 वें दिन मनाया जाता है. जो भी व्यक्ति भद्रकाली जयंती के दिन व्रत करता है और श्रद्धा के साथ देवी भद्रकाली की पूजा करता है उसके जीवन के सभी दुःख दूर हो जाते हैं. भद्रकाली जयंती का पर्व भारत के अलग अलग राज्यों में मनाया जाता हैहिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार, यह माना जाता है कि इस शुभ दिन पर देवी भद्रकाली देवी सती की मृत्यु के पश्चात् भगवान शिव के बालों से प्रकट हुई थीं. हिन्दू धर्म में भद्रकाली जयंती को एक महत्वपूर्ण पूजा दिवस के रूप में मनाया  जाता है. भद्रकाली जयंती का पर्व आर्यन सारस्वत ब्राह्मणों के प्रमुख त्योहारों में से एक है. भद्रकाली जयंती का उत्सव हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और कश्मीर में बहुत प्रसिद्ध हैं.

 

भद्रकाली जयंती का महत्त्व