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मत्स्य द्वादशी | Matsay Dwadashi on 21 Dec 2026

 हिंदू पंचांग के अनुसार मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि को मत्स्य द्वादशी मनाई जाती है. मत्स्य द्वादशी के दिन भगवान श्री हरि विष्णु जी ने मत्स्य का अवतार लेकर दैत्य हयग्रीव का संघार करके वेदों की रक्षा की थी. इसी वजह से इस दिन भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार की पूजा की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार मत्स्य द्वादशी के दिन भगवान विष्णु की श्रद्धा पूर्वक पूजा करने से सभी प्रकार के कष्ट दूर हो जाते हैं. मत्स्य अवतार श्रीहरि के प्रमुख अवतारों में से एक है. मत्स्य द्वादशी के दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने से सभी प्रकार के संकट दूर हो जाते हैं.

 


जानिए क्या है पिशाच मोचन श्राद्ध का महत्व और विधान on 25 Dec 2023

पिशाच मोचन श्राद्ध के दिन प्रेत योनि में गए हुए पूर्वजों के निमित्त तर्पण करने का नियम बताया गया है.  अगहन मास में मनाई जाने वाली पिशाच मोचन श्राद्ध तिथि पर अकाल मृत्यु को प्राप्त हुए पितरों का श्राद्ध करने का विशेष महत्व होता है. इस दिन शांति के उपाय करने से प्रेत योनि और जिन लोगों को भूत प्रेत से डर लगता है उन्हें पितृदोष से मुक्ति मिलती है. पित्र दोष को शांत करने के लिए शास्त्रों में पिशाच मोचन श्राद्ध को बहुत महत्वपूर्ण बताया गया है. हमारे शास्त्रों में श्राद्ध के बहुत सारे विधि विधान बताए गए हैं. जिनके द्वारा पितरों की शांति और मुक्ति होती है. 


वैभव लक्ष्मी व्रत | Vaibhav Lakshmi Vrat on 20 Feb 2026

वैभव लक्ष्मी व्रत करने से मनुष्य के जीवन के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं और कभी भी धन की कमी का सामना नहीं करना पड़ता है. वैभव लक्ष्मी का व्रत करने से आर्थिक संकटों से मुक्ति मिलती है और संतान से जुड़ी सभी समस्याओं का अंत होता है. अगर आप शुक्रवार के दिन मां वैभव लक्ष्मी का व्रत करते हैं


पूर्णिमा व्रत | Purnima Vrat on 23 Dec 2026

हर महीने की शुक्ल पक्ष तिथि को पूर्णिमा के रूप में मनाया जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार शुक्ल पक्ष की अंतिम 15वीं तिथि पूर्णिमा होती है. इस दिन आकाश में चंद्रमा पूर्ण रूप से दिखाई देता है. हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. 


अन्नपूर्णा जयंती | Annpurna Jayanti on 23 Dec 2026

अन्नपूर्णा जयंती मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन मनाई जाती है। इस दिन माता पार्वती अन्नपूर्णा के रूप में प्रकट हुई थी। माता अन्नपूर्णा को अन्न की देवी माना जाता है। अन्नपूर्णा जयंती के दिन मुख्य रूप से अन्न की पूजा की जाती है।


पौष अमावस्या on 07 Jan 2022

पौष अमावस्या के दिन बुरी शक्तियों का प्रभाव बहुत ही अधिक होता है  इस दिन नकारात्मक शक्तियों का आसानी से वास हो जाता है। इस दिन मृत पितरों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने को भी काफी अधिक शुभ माना जाता है।


गौरी तृतीया | Gauri Tritiya on 21 Mar 2026

हिन्दू धर्म के अनुसार विवाह, वर व् वधु दोनों के लिए एक दूसरे जन्म के सामान है| विवाह के पश्चात दोनों के ही परिवार के प्रति व् एक दूसरे के प्रति जिम्मेदारियां बढ़ जातीं हैं| विवाह के बाद वर वधु दोनों ही एकदूसरे के साथ अपना पूरा जीवन व्यतीत करने की प्रतिज्ञा करते हैं| हर वैवाहिक जोड़ा यही चाहता है की विवाह के पश्चात उनका जीवन सुखद हो| अग्नि के सात फेरे लेकर वर व् वधु तन मन तथा आत्मा से एक पवित्र बंधन में बंध जाते हैं|


शिव चतुर्दशी के दिन इन तरीकों से करें भोलेनाथ की पूजा on 28 Aug 2019

हिंदू धर्म में भोलेनाथ को सभी देवताओं से उच्च और श्रेष्ठ माना जाता है. सभी शिव भक्त अपने आराध्य को प्रसन्न करने के लिए व्रत और पूजा करते हैं. हर सोमवार के दिन शिवजी की विशेष पूजा की जाती है. वैसे तो भगवान शिव की पूजा कभी भी की जा सकती है पर शिव चतुर्दशी के दिन भगवान की शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है. इस दिन भोलेनाथ की पूजा करना बहुत ही शुभकारी माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को शिव चतुर्थी मनाई जाती है. इस दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उपवास रखा जाता है और विधिवत पूजा की जाती है. सभी शिव भक्त मनोवांछित फलों की प्राप्ति के लिए शिव चतुर्दशी के दिन व्रत करते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा करते हैं. भगवान शिव अपने भक्तों की भक्ति से प्रसन्न होकर उनकी सभी इच्छाओं को पूरा करते हैं.


वैकुंठ एकादशी/पुत्रदा एकादशी का व्रत| Putrda Ekadashi on 20 Dec 2026

वैकुंठ एकादशी का व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है। इस दिन बहुत ही धूमधाम के साथ भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार शुक्ल पक्ष की मार्गजहि महीने में वैकुंठ एकादशी का व्रत किया जाता है। वैकुंठ एकादशी को मुक्कोटी एकादशी भी कहा जाता है।


साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण on 26 Dec 2019

26 दिसंबर 2019 को साल 2019 का अंतिम सूर्य ग्रहण लगने वाला है| सूर्य और चन्द्रमा हम सबके जीवन से बहुत ही गहराई से जुड़े हुए है| इसलिए जब भी इन पर ग्रहण लगता है हमारा जीवन भी काफी प्रबल रूप से प्रभावित होता है|


बांदा अष्टमी on 21 Jan 2021

बांदा अष्टमीको शाकंभरीनवरात्रि भीकहा जाताहै. बांदाअष्टमी अष्टमी पौषमास कीशुक्ल पक्षकी अष्टमीतिथि सेलेकर पूर्णिमातिथि तकमनाई जातीहै. मकरसंक्रांति केदिन सेबांदा अष्टमीअर्थात शाकंभरीनवरात्रि काआरंभ होजाता है.हमारे धर्मशास्त्रों केअनुसार गुप्तनवरात्रि कीतरह एसीशाकंभरी नवरात्रिका भीबहुत महत्वहोता है.माता शाकंभरीमां दुर्गाके अलग-अलगअवतारों मेंसे एकहै. इसनवरात्रि केसभी दिनोंमें पौराणिककार्य किएजाते हैं.खासतौर परइस नवरात्रिमें मांअन्नपूर्णा कीसाधना कीजाती है.बांदा अष्टमीतंत्र मंत्रकी साधनाकरने वालेलोगों केलिए भीमहत्वपूर्ण होतीहै.


पौषी / शाकम्बरी पूर्णिमा/जयंती | Shakambhari Jayanti on 03 Jan 2026

 इस पवित्र दिन को नवरात्रि का पहला दिन या आरंभ दिवस भी माना जाता है। हिंदू पंचांग में ऐसा कहा गया है कि शाकम्बरी नवरात्रि अष्टमी तिथि के दिन से शुरू होती है और पौष माह में पूर्णिमा तिथि के दिन समाप्त होती है। अर्थात इस विशेष व्रत त्यौहार को लगभग आठ दिनों तक पूरी श्रद्धा के साथ मानाया जाता है। शाकम्बरी पूर्णिमा के दिन शाकम्भरी नवरात्रि समाप्त हो जाती है।


मासिक दुर्गा अष्टमी| Masik Durga Ashtami on 20 Aug 2026

दुर्गा आष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।


लोहड़ी| Lohri on 13 Jan 2026

जानिए क्या है लोहड़ी का महत्व और इसकी पूजन विधि 

लोहड़ी का त्यौहार मुख्य रूप से पंजाब में मनाया जाता है. यह त्यौहार मकर संक्रांति से एक या दो दिन पहले मनाया जाता है.   लोहड़ी के दिन लोग एक दूसरे से मिलते हैं और आपस में एक दूसरे के साथ अपनी खुशियां बांटते हैं



भोगी पांडीगई | Bhogi Pandigai on 13 Jan 2026

हमारे पूर्वजों ने बताया था कि संसार में मौजूद सभी पशु पक्षी और मनुष्य एक ही परिवार से संबंध रखते हैं. पूर्वजों द्वारा बताए गयी इस बात का एहसास हमें अलग अलग त्योहारों के द्वारा होता रहता है. भारत देश में अलग-अलग त्योहार मनाए जाते हैं. इन सभी त्योहारों में से एक है संक्रांति का त्यौहार….. दक्षिण भारत में इस त्योहार को अलग-अलग रूपों में मनाया जाता है. उत्तर भारत में इसे खिचड़ी के रूप में मनाया जाता है


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