गुरु वारा प्रदोष व्रत विधि
1. व्रत रखने वाले व्यक्ति को व्रत के दिन सूर्य उदय होने से पहले उठना चाहिये।
2. स्नान आदिकर भगवान् शिव का नाम जपते रहना चाहिए|
3. सुबह नहाने के बाद साफ और पीले वस्त्र पहनें।
Gandhi Jayanti is a National festival in India. It is observed on 2nd of October every year. Mohandas Karamchand Gandhi was born on 2nd October, 1869. He is famously known as Mahatma Gandhi. Mahatma means "Great Soul”. He is also known in India as the "Father of the Nation”.
In 1915, Lal Bahadur Shastri heard a speech of Mahatma Gandhi and was inspired and made his mind to serve country. In 1921, he joined processions in defiance of the prohibitory order and was arrested but as he was minor he was let off. During the Satyagraha march,he threw himself into the freedom struggle and was again aressted for two and half years.
1.स्कन्द षष्टी दक्षिणी भारत में मनाये जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है| इस दिन गौरी शंकर भगवान के पुत्र कार्तिकेय की पूजा करि जाती है|
2.भगवान् स्कन्द को मुरुगन,कार्तिकेयन, सुब्रमण्या के नाम से भी जाना जाता है| यह भाद्रपद मॉस के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को मनाया जाता है| कार्तिकेय के पूजन से रोग, दुःख और दरिद्रता का निवारण होता है।
3.कथाओं के अनुसार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न छह मुख वाले बालक स्कन्द की छह कृतिकाओं ने स्तनपान करा कर रक्षा की थी, इसीलिए कार्तिकेय' नाम से पुकारा जाने लगा।
बिल्व
निमंत्रण
बिल्व निमंत्रण दुर्गा पूजा से पहले मनाये जाना वाला पर्व है| दुर्गा पूजा की शुरुआत करने के लिए या करने से पहले बिल्वा निमंत्रण एक बहुत ही महत्वपूर्ण अनुष्ठान है| 'निमंत्रण' का अर्थ है विधि विधान से आमंत्रित करना| इस पर्व के ज़रिये माँ दुर्गा को पूरे विधि विधान व् रीती रिवाज़ के साथ उनका आवाहन या निमंत्रित करा जाता है| और इसी दिन के बाद से दुर्गा पूजन की शुरुआत होती है, षष्टी तिथि से शुरू हो विजयादशमी तक मनाया जाता है|
सरस्वती आवाहन
सरस्वती पूजा का पहला दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है। "आवाहन" अर्थात 'मंगलाचरण' 'आमंत्रण'. यह पर्व माँ सरस्वती की कृपा पाने के लिए मनाया जाता है। नवरात्री के आखरी तीन तिथि के दौरान सरस्वती आवाहन, सरस्वती पूजन व् सरस्वती विसर्जन का विधान है| हिन्दू दिनदर्शिका/पंचांग के आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सरस्वती आवाहन मनाया जाता है।
शिवरात्रि प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है जो भगवान शिव को पूरी तरह से समर्पित है। हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक भगवान शिव अपने भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है। हिंदू भक्तों के अनुसार शिवरात्रि ही एक ऐसा अवसर है जो लोगों की आत्मा, मन और शरीर को शुद्ध करता है।
हम में से अधिकांश लोग इस तथ्य से अवगत नहीं हैं कि शिवरात्रि केवल एक वर्ष में एक बार नहीं मनाई जाती है, बल्कि यह वर्ष के प्रत्येक महीने में अलग-अलग तिथियों पर पड़ती है और इसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। इसकी रौनक देखते ही बनती है। प्राचीन मान्यताओं के आधार पर लोग ने भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्रत का पालन किया।
दुर्गा अष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।
गीता जयंती के दिन कुरुक्षेत्र की रण स्थली में अपनों के मोह में पड़े अर्जुन को भगवान कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था. इसलिए इस दिन को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है. गीता जयंती को मोक्षदा एकादशी के नाम से भी मनाया जाता है. गीता एक संजीवनी विद्या है. गीता के उपदेशों में बताया गया है कि मनुष्य महान है, अमर है, असीम शक्ति का भंडार है.