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गुरु वारा प्रदोष व्रत | Guru Pradosh vrat on 28 May 2026

गुरु वारा प्रदोष व्रत विधि

1.         व्रत रखने वाले व्यक्ति को व्रत के दिन सूर्य उदय होने से पहले उठना चाहिये।

2.         स्नान आदिकर भगवान् शिव का नाम जपते रहना चाहिए|

3.         सुबह नहाने के बाद साफ और पीले वस्त्र पहनें।


Gandhi Jayanti on 02 Oct 2026

Gandhi Jayanti is a National festival in India. It is observed on 2nd of October every year. Mohandas Karamchand Gandhi was born on 2nd October, 1869. He is famously known as Mahatma Gandhi. Mahatma means "Great Soul”. He is also known in India as the "Father of the Nation”.


Shri Lal Bahadur Shastri Jayanti on 02 Oct 2026

In 1915, Lal Bahadur Shastri heard a speech of Mahatma Gandhi and was inspired and made his mind to serve country. In 1921, he joined processions in defiance of the prohibitory order and was arrested but as he was minor he was let off. During the Satyagraha march,he threw himself into the freedom struggle and was again aressted for two and half years.


विनायक चतुर्थी | Vinayak Chaturthi on 13 Nov 2026

1.   ब्रह्म मुहूर्त (सूर्य उदय के पूर्व) में उठकर, पीले रंग के वस्त्र धारण करें। भगवन गणेश के व्रत का संकल्प लें|

2.   पूजन के समय, एक चौकी रखें उसपे हरे रंग का कपडा बिछाएं और गणेश मूर्ति की स्थापना करें|

3.   मूर्ति स्थापना के पश्चात कलश स्थापना करें, एक लोटे में जल लें उसपे आम के पत्ते और श्री फल रखें|


स्कन्द षष्टी/चंपा षष्टी | Skand Shashti on 16 Oct 2026

1.स्कन्द षष्टी दक्षिणी भारत में मनाये जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण पर्व है| इस दिन गौरी शंकर भगवान के पुत्र कार्तिकेय  की पूजा करि जाती है|

2.भगवान् स्कन्द को मुरुगन,कार्तिकेयन, सुब्रमण्या के नाम से भी जाना जाता है| यह भाद्रपद मॉस के शुक्ल पक्ष की षष्टी तिथि को मनाया जाता है| कार्तिकेय के पूजन से रोग, दुःख और दरिद्रता का निवारण होता है।

3.कथाओं के अनुसार भगवान शिव के तेज से उत्पन्न छह मुख वाले बालक स्कन्द की छह कृतिकाओं ने स्तनपान करा कर रक्षा की थी, इसीलिए कार्तिकेय' नाम से पुकारा जाने लगा।



बिल्व निमन्त्रण | Bilv Nimantran on 16 Oct 2026

बिल्व निमंत्रण

बिल्व निमंत्रण दुर्गा पूजा से पहले मनाये जाना वाला पर्व है| दुर्गा पूजा की शुरुआत करने के लिए या करने से पहले बिल्वा निमंत्रण एक बहुत ही महत्वपूर्ण अनुष्ठान है| 'निमंत्रण' का अर्थ है विधि विधान से आमंत्रित करना| इस पर्व के ज़रिये माँ दुर्गा को पूरे विधि विधान व् रीती रिवाज़ के साथ उनका आवाहन या निमंत्रित करा जाता है| और इसी दिन के बाद से दुर्गा पूजन की शुरुआत होती है, षष्टी तिथि से शुरू हो विजयादशमी तक मनाया जाता है|


सरस्वती आवाहन | Sarswati Avahan on 16 Oct 2026

सरस्वती आवाहन

सरस्वती पूजा का पहला दिन सरस्वती आवाहन के नाम से जाना जाता है।  "आवाहन" अर्थात 'मंगलाचरण' 'आमंत्रण'. यह पर्व माँ सरस्वती की कृपा पाने के लिए मनाया जाता है।  नवरात्री के आखरी तीन तिथि के दौरान सरस्वती आवाहन, सरस्वती पूजन व् सरस्वती विसर्जन का विधान है| हिन्दू दिनदर्शिका/पंचांग के आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को सरस्वती आवाहन मनाया जाता है।  


सरस्वती पूजन | Saraswati Poojan on 17 Oct 2026

1. सरस्वती पूजा को सरस्वती प्रधान पूजन के नाम से भी जाना जाता है।  सरस्वती पूजन के दिन सभी लोग माँ का पूजन कर उनका आशीर्वाद पाते है। 
2. दुर्गा पूजा के दूसरे दिन मनाये जाने वाला एक बहुत ही महत्वपूर्ण व् खूबसूरत पर्व है। 
3. सरस्वती पूजन नवरात्री में से एक दिन मनाये जाने वाला शुभ दिन है और यह शीत ऋतू के आने का भी संकेत देती है। 


महानिशा पूजा on 24 Oct 2020

शारदीय नवरात्री एक बहुत ही पावन समय है जो कीपितृ पक्ष के बाद आता हैपितृ पक्ष के दौरान लोग बेसबरी से नवरात्री का इन्तेज़र करतेताकि वे नवरात्री आते ही अपने रुके हुए शुभ कामो को पूर्ण कर पाएं|


लाभ पंचमी /ज्ञान पंचमी / सौभाग्य पंचमी | Labh Panchami on 14 Nov 2026

महत्व:-
लाभ पंचमी के दिन किसी नए व्यवसाय या काम को शुरू करना बहुत शुभ माना जाता है। गुजरात में इस त्यौहार का बहुत महत्व है। वह इसको बड़ी धूमधाम से मनाते है। इस दिन से व्यवसायी लोग नया बहीखाता शुरू करते है। वह इसे खाटू कहते है। इसमें सबसे पहले कुमकुम से बायीं तरफ शुभ और दाहिने तरफ लाभ लिखते है। इसके बिच में स्वास्तिक बनाते है। इस दिन लक्ष्मी की पूजा करते है, जैन समुदाय ज्ञानवर्धक पुस्तक की पूजा करते है। साथ ही और अधिक बुद्धि ज्ञान के लिए प्रार्थना करते हैं।


मासिक शिवरात्रि का महत्व on 15 Oct 2020

शिवरात्रि प्रमुख हिंदू त्योहारों में से एक है जो भगवान शिव को पूरी तरह से समर्पित है। हिंदू धर्म के प्रमुख देवताओं में से एक भगवान शिव अपने भक्तों के बीच काफी लोकप्रिय है। हिंदू भक्तों के अनुसार शिवरात्रि ही एक ऐसा अवसर है जो लोगों की आत्मामन और शरीर को शुद्ध करता है।

हम में से अधिकांश लोग इस तथ्य से अवगत नहीं हैं कि शिवरात्रि केवल एक वर्ष में एक बार नहीं मनाई जाती हैबल्कि यह वर्ष के प्रत्येक महीने में अलग-अलग तिथियों पर पड़ती है और इसे मासिक शिवरात्रि कहा जाता है। इसकी रौनक देखते ही बनती है। प्राचीन मान्यताओं के आधार पर लोग ने भगवान को प्रसन्न करने के लिए व्रत का पालन किया।  


विवाह पंचमी | Vivah Panchami on 14 Dec 2026


विवाह पंचमी एक बहुत ही प्रसिद्ध हिंदू त्योहार है और काफी जोरशोर से मनाया जाता है। यह त्यौहार विशेष रुप से भगवान राम और देवी सीता की विवाह के रुप में मनाया जाता है। 


दुर्गा अष्टमी | Durga Ashtami on 16 Jan 2022

दुर्गा अष्टमी जैसे की नाम से ही मालूम होता है कि ये व्रत त्यौहार मां दुर्गा को समर्पित है। दुर्गा मां के भक्तों के लिये यह एक खास त्यौहार माना जाता है। और क्योकि यह त्यौहार हर महीने मनाया जाता है इसे मासिक दुर्गा अष्टमी कहा जाता है।


गीता जयंती | Geeta Jayanti on 20 Dec 2026

गीता जयंती के दिन कुरुक्षेत्र की  रण स्थली में अपनों के मोह में पड़े अर्जुन को भगवान कृष्ण ने गीता का ज्ञान दिया था. इसलिए इस दिन को गीता जयंती के रूप में मनाया जाता है. गीता जयंती को मोक्षदा एकादशी के नाम से भी मनाया जाता है. गीता एक संजीवनी विद्या है. गीता के उपदेशों में बताया गया है कि मनुष्य महान है, अमर है, असीम शक्ति का  भंडार है.


मोक्षदा एकादशी | Mokshda Ekadashi on 20 Dec 2026

मोक्षदा एकादशी को एक बहुत ही महत्वपूर्ण एकादशी माना जाता है । इस दिन बहुत ही अधिक महत्तव इसलिये भी है क्योकि इस भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र के युद्ध के मैदान में अर्जुन को श्रीमद्भगवद् गीता का ज्ञान दिया था।