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जानिये क्यों मनाया जाता अग्नि नक्षत्रम का पर्व on 04 May 2020 (Monday)

जानिये क्यों मनाया जाता अग्नि नक्षत्रम का पर्व

क्या है अग्नि नक्षत्रम

अग्नि नक्षत्रम भगवान मुरुगन को समर्पित प्रमुख त्योहारों में से एक है. यह त्यौहार तमिलनाडु राज्य में बहुत उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया जाता है. यह त्यौहार 4 मई से शुरू होकर 29 मई तक 14 दिनों की अवधि में मनाया जाता है. अग्नि नक्षत्र मई के सबसे गर्म महीने के दौरान हिंदुओं द्वारा मनाया जाने वाला एकमात्र त्योहार है. अग्नि नक्षत्रम के 14 दिवसीय उत्सव को सूर्य के खगोलीय शास्त्र द्वारा कृतिका नामक तारे के द्वारा चिह्नित किया गया है. साथ ही अग्नि नक्षत्र की अवधि को भी भरणी नक्षत्र के तीसरे चौथे महीने और रोहिणी नक्षत्र के तीन महीने में सूर्य की चाल से परिभाषित किया जाता है. अग्नि नक्षत्रम त्यौहार का नाम कृतिका तारे से लिया गया है, जिसे तमिल भाषा में 'अग्नि नक्षत्र' के नाम से भी जाना जाता है

अग्नि नक्षत्रम का महत्व-

अग्नि नक्षत्रम के उत्सव को तिरुतनी, पलानी, पलामुथिरसोलई, स्वामीमलाई और तिरुचेंदुर में भगवान मुरुगन मंदिरों में पूरी भव्यता और धूमधाम के साथ मनाया जाता है.अग्नि नक्षत्रम का त्यौहार मुख्य रूप से भगवान मुरुगन के मंदिरों में मनाया जाता है, विशेषरूप से तमिलनाडु के पलानी में इस पर्व को बहुत ही धूमधाम और उत्साह के साथ मनाते हैं. इस दौरान हजारों हिंदू भक्त इस मंदिर में आते हैं और भगवान मुरुगन के दर्शन करते हैं और उनके दिव्य आशीर्वाद से प्रसन्न होते हैं

अग्नि नक्षत्रम पूजन विधि